भारतीय सेवा क्षेत्र में बहार: अगस्त में गतिविधियां बढ़ीं, 15 महीनों में सबसे ज़्यादा नौकरियां मिलीं
अगस्त के महीने में भारत के सेवा क्षेत्र (Services Sector) ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है, जिससे आर्थिक गतिविधियों में तेज़ी आई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस सेक्टर की ग्रो…
अगस्त के महीने में भारत के सेवा क्षेत्र (Services Sector) ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है, जिससे आर्थिक गतिविधियों में तेज़ी आई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस सेक्टर की ग्रोथ को मापने वाला HSBC इंडिया सर्विसेज PMI बढ़कर 54.1 पर पहुँच गया। यह सूचकांक जुलाई में 53.3 पर था। पीएमआई (Purchasing Managers' Index) का 50 से ऊपर रहना सेक्टर में विस्तार यानी ग्रोथ का संकेत देता है।
गुरुवार को जारी हुए इस निजी सर्वेक्षण के अनुसार, सेवा क्षेत्र की कंपनियों का मानना है कि यह वृद्धि बेहतर मांग और नई बाज़ार पहलों के कारण हुई है। इस दौरान न सिर्फ़ घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से भी अच्छी मांग बनी रही।
रोज़गार और निर्यात में मज़बूती
इस ग्रोथ का सबसे सकारात्मक असर रोज़गार पर पड़ा है। अगस्त में सेवा क्षेत्र में नौकरियाँ देने की रफ़्तार पिछले 15 महीनों में सबसे तेज़ रही। सर्वे में शामिल लगभग 11 प्रतिशत कंपनियों ने बताया कि उन्होंने अपने यहां कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई है। कंपनियाँ मुख्य रूप से कस्टमर सर्विस, सेल्स और डिजिटल ऑपरेशन जैसे विभागों को मज़बूत करने के लिए नई भर्तियाँ कर रही हैं।
HSBC के आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय सेवा प्रदाताओं को ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, कनाडा, जापान, मलेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों से नए निर्यात ऑर्डर मिले।
अर्थशास्त्री ने क्या कहा?
HSBC की भारत में मुख्य अर्थशास्त्री, प्रांजुल भंडारी ने कहा, "अगस्त में सर्विस सेक्टर की गतिविधियां तेजी से बढ़ीं, जिसमें बेहतर आउटपुट और नए बिजनेस का योगदान रहा।" उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि रोज़गार में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। भंडारी ने कहा, "रोजगार में तेजी से बढ़ोतरी हुई और नौकरियां पैदा होने का आंकड़ा 15 महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया।" उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान कीमतों का दबाव बहुत कम बढ़ा, जो एक राहत की बात है।
मैन्युफैक्चरिंग की सुस्ती की भरपाई
दिलचस्प बात यह है कि सेवा क्षेत्र की इस मज़बूती ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आई मामूली सुस्ती की भरपाई कर दी। इसके चलते, दोनों क्षेत्रों के संयुक्त प्रदर्शन को दर्शाने वाला HSBC इंडिया कम्पोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स 54.3 पर स्थिर रहा, जो जुलाई के बराबर ही है। कुल मिलाकर, सर्विस सेक्टर की शानदार हायरिंग ने मैन्युफैक्चरिंग में रोज़गार की कमी को भी पूरा कर दिया, जिससे कुल रोज़गार 14 महीनों में सबसे तेज़ गति से बढ़ा।
इनपुट: IANS



