शनिवार, 8 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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बिहार का मखाना दुनिया में बना रहा अपनी पहचान, 20 से ज्यादा देशों तक पहुंचा मिथिला का GI-टैग वाला यह सुपरफूड

भारत के मखाना निर्यात में एक बड़ी कामयाबी देखने को मिली है, जिससे बिहार के किसानों को सीधा फायदा पहुंच रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत ने 20 से…

बिहार का मखाना दुनिया में बना रहा अपनी पहचान, 20 से ज्यादा देशों तक पहुंचा मिथिला का GI-टैग वाला यह सुपरफूड
(फोटो: IANS)

भारत के मखाना निर्यात में एक बड़ी कामयाबी देखने को मिली है, जिससे बिहार के किसानों को सीधा फायदा पहुंच रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत ने 20 से ज्यादा देशों को 7,000 मीट्रिक टन से अधिक मखाना और इससे बने उत्पादों का निर्यात किया। अमेरिका, मध्य पूर्व और अफ्रीकी देशों सहित कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इस हेल्दी स्नैक की मांग लगातार बढ़ रही है।

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भारत में मखाना उत्पादन का लगभग 85% हिस्सा बिहार से आता है। इसी को देखते हुए, हाल ही में बिहार से जीआई-टैग प्राप्त 'मिथिला मखाना' की पहली व्यावसायिक समुद्री खेप ऑस्ट्रेलिया भेजी गई। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की मदद से बिहटा के एक औद्योगिक क्षेत्र से 18 मीट्रिक टन मखाना निर्यात किया गया, जिसे सीधे दरभंगा जिले के किसानों से खरीदा गया था।

किसानों की आय में बढ़ोतरी

वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, इस पहल का सबसे बड़ा लाभ किसानों को मिला है। इस निर्यात सौदे से जुड़े किसानों को बाजार के मौजूदा भाव से करीब 18 प्रतिशत ज्यादा कीमत मिली। यह दिखाता है कि कैसे किसानों को सीधे निर्यात बाजार से जोड़ने पर उनकी आय में सुधार होता है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि सेहतमंद खाद्य पदार्थों की वैश्विक मांग के बीच मखाना भारत के लिए एक अहम कृषि निर्यात उत्पाद बन सकता है।

सरकारी नीतियां और सहयोग

मखाना निर्यात को बढ़ावा देने और इसकी वैश्विक पहचान को मजबूत करने के लिए सरकार ने जुलाई 2025 से इसके लिए एक अलग एचएस कोड भी लागू किया है। इससे मखाना निर्यात के आंकड़ों की सटीक निगरानी संभव हो सकेगी। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार मखाना उत्पादकों, प्रोसेसर और निर्यातकों को सहयोग देकर पूरी सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पारंपरिक रूप से मखाना प्रसंस्करण से जुड़े फोरी समुदाय के कौशल की सराहना करते हुए उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया।

उन्होंने कहा, "मखाना राज्य की पहचान है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बिहार आधारित निर्यातकों की बढ़ती भागीदारी किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने में मदद करेगी।" मंत्री ने यह भी जोर दिया कि वैश्विक बाजार की जरूरतों को पूरा करने के लिए गुणवत्ता बनाए रखना बेहद जरूरी है।

इनपुट: IANS

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