बुधवार, 30 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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रूस-ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों से बढ़ी भारत की चिंता, द्विपक्षीय संबंधों और ऊर्जा बाज़ार पर असर की आशंका

भारत ने अमेरिका के एक नए कानून 'सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट' (SRIA) पर अपनी गहरी चिंता जताई है। भारत का मानना है कि रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले इस कानून का भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों…

रूस-ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों से बढ़ी भारत की चिंता, द्विपक्षीय संबंधों और ऊर्जा बाज़ार पर असर की आशंका
(फोटो: IANS)

भारत ने अमेरिका के एक नए कानून 'सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट' (SRIA) पर अपनी गहरी चिंता जताई है। भारत का मानना है कि रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले इस कानून का भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह बात विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अमेरिका के एक उच्च-स्तरीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सामने रखी।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को नई दिल्ली में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया, "रविवार को विदेश सचिव की कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक हुई थी। ...विदेश सचिव ने एसआरआईए कानून के बारे में हमारी चिंताओं से अवगत कराया, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर इसके प्रभाव भी शामिल हैं।"

उच्च-स्तरीय बैठकें और चर्चा के मुद्दे

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष, कांग्रेस सदस्य ब्रायन मास्ट कर रहे थे। रविवार को हुई इस बैठक में दोनों देशों के संबंधों के भविष्य की दिशा और हाल ही में लागू SRIA कानून समेत कई द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस दौरान ऊर्जा सुरक्षा, आतंकवाद का मुकाबला, नौवहन की स्वतंत्रता और आपसी चिंता के अन्य अंतरराष्ट्रीय मामलों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया।

न्यूयॉर्क में भी महत्वपूर्ण मुलाकातें

इस अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात से पहले, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने न्यूयॉर्क में भी कई अहम बैठकें की थीं। उन्होंने अमेरिकी राजनीतिक मामलों की अंडर सेक्रेटरी एलिसन हूकर से मुलाकात की, जहां ऊर्जा सुरक्षा, नागरिक परमाणु सहयोग और हिंद महासागर से जुड़े सहयोग पर चर्चा हुई। इस बैठक में अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा भी मौजूद थे।

इसके अलावा, मिस्री ने अमेरिका के आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्ष महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों, विशेषकर सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए, ताकि आपूर्ति शृंखला को और मजबूत किया जा सके।

इनपुट: IANS

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