भारत-चीन संबंध: विदेश सचिव विक्रम मिस्री की बीजिंग में अहम मुलाकातें, सीमा पर शांति बनाए रखने पर ज़ोर
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अपनी चीन यात्रा के दौरान कई वरिष्ठ चीनी अधिकारियों से मुलाकात की, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर गहन चर्चा हुई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सोमवार को…
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अपनी चीन यात्रा के दौरान कई वरिष्ठ चीनी अधिकारियों से मुलाकात की, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर गहन चर्चा हुई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सोमवार को हुई इन बैठकों में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा चीन की विदेश उप मंत्री हुआ चुनयिंग के साथ हुई, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने की अहमियत को रेखांकित किया गया।
चीन स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए बताया कि मिस्री और हुआ चुनयिंग ने भारत-चीन संबंधों की समग्र समीक्षा की। दोनों अधिकारियों ने दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के उस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने पर विचार किया, जिसमें भारत और चीन को एक-दूसरे का प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि विकास के अवसरों में भागीदार माना गया है।
व्यापार और आपसी संपर्क पर भी हुई चर्चा
इस मुलाकात के दौरान व्यापार और आर्थिक संबंधों को मज़बूत करने के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे आपसी लाभ के मुद्दों पर भी बातचीत हुई। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहरा करना है।
अपनी यात्रा की शुरुआत में विदेश सचिव मिस्री ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप मंत्री सन हैयान से भी मुलाकात की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने नेताओं द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों को लागू करने और दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों को सुलझाने पर ज़ोर दिया। साथ ही, राजनीतिक, शैक्षणिक और थिंक-टैंक स्तर पर संपर्क को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी।
इसके अलावा, विदेश सचिव ने चीन की 14वीं राष्ट्रीय जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन (सीपीपीसीसी) की समिति के उप महासचिव होंग लियांग से भी भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच राजनीतिक स्तर पर और आम लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई।
इनपुट: IANS



