पीएम मोदी का मेलबर्न में संदेश: 'चिप्स से शिप्स तक' की मैन्युफैक्चरिंग से विकसित भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति का एक विस्तृत खाका पेश किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति का एक विस्तृत खाका पेश किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश 'चिप्स से लेकर शिप्स तक' एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने और 6G जैसी भविष्य की तकनीकों में नेतृत्व हासिल करने के लिए तेजी से काम कर रहा है, जो विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य का एक अहम हिस्सा है।
मेलबर्न में आयोजित इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने भारत के बदलते स्टार्टअप परिदृश्य को देश की युवा शक्ति की सफलता बताया। उन्होंने कहा कि कुछ सौ स्टार्टअप से शुरू हुआ यह सफर अब दो लाख से ज्यादा पंजीकृत स्टार्टअप तक पहुंच गया है, और हर महीने 4,000 से अधिक नई कंपनियां इसमें जुड़ रही हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक, भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है।
छोटे शहरों से अंतरिक्ष तक स्टार्टअप की उड़ान
पीएम मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह स्टार्टअप क्रांति अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के लगभग हर जिले में युवा अपने नवाचारों को साकार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रक्षा (डिफेंस) और अंतरिक्ष (स्पेस) जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में भी सैकड़ों स्टार्टअप सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही भारत का एक स्पेस स्टार्टअप अपने ही रॉकेट से अपना उपग्रह (सैटेलाइट) लॉन्च करने की तैयारी में है। भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने गगनयान मिशन और भारत के अपने स्पेस स्टेशन की दिशा में हो रही तेज प्रगति का भी उल्लेख किया।
'नागरिक देवो भव:' और आतंकवाद पर कड़ा रुख
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के बड़े सपनों की सबसे मजबूत नींव 'वी द पीपल' यानी देश के लोग हैं और 'नागरिक देवो भव:' का मंत्र सुशासन का मार्गदर्शक सिद्धांत बन गया है। आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकियों के ठिकानों पर विस्फोट हो रहे थे और उनकी गूंज पूरी दुनिया ने सुनी।"
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों में प्रवासी भारतीयों की भूमिका
अपनी ऑस्ट्रेलिया यात्रा को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में उनकी यात्रा 28 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। उन्होंने कहा, "पिछले 12 वर्षों में यह मेरी ऑस्ट्रेलिया की तीसरी यात्रा है। एक तरह से यह हैट्रिक है।" उन्होंने इसका श्रेय प्रवासी भारतीयों को देते हुए कहा कि भारतीय समुदाय ने दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। मेलबर्न पहुंचने पर 'मोदी-मोदी' और 'वंदे मातरम्' के नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया गया, जिसकी गर्मजोशी का जिक्र उन्होंने सोशल मीडिया पर भी किया। कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के आदिवासी वाद्य यंत्र डिजेरिडू और भारतीय तबले की जुगलबंदी समेत कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं।
इनपुट: IANS



