लिथियम, दवा और कृषि: भारत और अर्जेंटीना ने व्यापारिक साझेदारी को दिया नया आयाम
भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और इलेक्ट्रिक वाहन महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए अर्जेंटीना के साथ अपने संबंधों को मज़बूत कर रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार…
भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और इलेक्ट्रिक वाहन महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए अर्जेंटीना के साथ अपने संबंधों को मज़बूत कर रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों ने ब्यूनस आयर्स में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में लिथियम खनन, फार्मास्यूटिकल्स और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया है। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2025 की प्रस्तावित अर्जेंटीना यात्रा के लिए तय किए गए लक्ष्यों की समीक्षा का हिस्सा थी।
साल 2025 में भारत और अर्जेंटीना के बीच द्विपक्षीय व्यापार 6.5 अरब डॉलर को पार कर गया, जिसमें सालाना 17% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। इस शानदार प्रदर्शन के साथ भारत, अर्जेंटीना का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है।
लिथियम और ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी छलांग
बैठक का एक मुख्य केंद्र-बिंदु लिथियम क्षेत्र में भारत की प्रगति रही। भारत की सरकारी कंपनी, खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड (काबिल), अर्जेंटीना के कैटामार्का प्रांत में लिथियम खनन परियोजना पर काम कर रही है। यह किसी भी भारतीय कंपनी द्वारा अर्जेंटीना में पहली लिथियम खनन पहल है, और इसने सफलतापूर्वक ड्रिलिंग का दूसरा चरण पूरा कर लिया है। साल्टा और जुजुय जैसे अन्य प्रांतों में भी सहयोग की नई संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। यह साझेदारी भारत की बैटरी निर्माण और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) रणनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके अलावा, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश के अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई।
भारतीय दवाओं के लिए खुलेंगे रास्ते
भारतीय दवा कंपनियों के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर, अर्जेंटीना ने अपने औषधि नियामक प्रणाली में भारत को 'एनेक्स-2' से अपग्रेड कर 'एनेक्स-1' श्रेणी में लाने पर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है। इस कदम से बाजार में प्रवेश की बाधाएं कम होंगी, जिससे भारतीय फार्मा कंपनियों के लिए अर्जेंटीना के बाजार में अपनी सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं पहुंचाना आसान हो जाएगा। दोनों देशों ने 2019 में हुए एक समझौते को आगे बढ़ाते हुए आयुर्वेद और योग जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में भी संयुक्त पहल करने पर सहमति व्यक्त की।
कृषि निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
कृषि क्षेत्र में भी भारतीय उत्पादों के लिए बाज़ार पहुंच बढ़ाने पर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। प्याज, दूध उत्पाद, अंगूर, आलू, केला और दालों जैसे भारतीय कृषि उत्पादों को अर्जेंटीना के बाज़ार में पहुंचाने के लिए तकनीकी स्तर पर बातचीत आगे बढ़ी है। सरकार का मानना है कि इस पहल से भारतीय किसानों और निर्यातकों को नए अवसर मिलेंगे और यह 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को साधने में भी मददगार साबित होगा।
भविष्य की तकनीक पर भी नज़र
भारत और अर्जेंटीना भविष्य के सहयोग के लिए नए क्षेत्रों की भी पहचान कर रहे हैं। बैठक में विमानन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की अपार संभावनाएं देखी जा रही हैं।
इनपुट: IANS



