केरल: LDF में CPI(M) पर 'बॉस' की तरह व्यवहार का आरोप, IUML ने CPI का किया समर्थन
केरल में सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के दो प्रमुख घटकों, CPI(M) और CPI के बीच विपक्ष के उप-नेता पद को लेकर चल रहा विवाद और गहरा गया है। अब इस टकराव में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) भी…
केरल में सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के दो प्रमुख घटकों, CPI(M) और CPI के बीच विपक्ष के उप-नेता पद को लेकर चल रहा विवाद और गहरा गया है। अब इस टकराव में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) भी शामिल हो गई है, जिसने CPI(M) पर अपने सहयोगी दल के साथ 'मातहत' जैसा व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, IUML के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक के.पी.ए. मजीद ने CPI(M) के नेतृत्व और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के रवैये की कड़ी आलोचना की है। शनिवार को पार्टी के मुखपत्र 'चंद्रिका' में प्रकाशित एक लेख में उन्होंने कहा कि विजयन का यह कहना कि CPI को इस पद के बारे में बात भी नहीं करनी चाहिए, यह दर्शाता है कि वे गठबंधन में 'मालिक' की भूमिका निभा रहे हैं।
विवाद की जड़ और सीटों का गणित
यह पूरा विवाद विपक्ष के उप-नेता पद की मांग से शुरू हुआ है। 140 सदस्यों वाली केरल विधानसभा में, CPI(M) के पास 26 विधायक हैं, जबकि CPI के 8 विधायक हैं। विपक्षी गठबंधन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते CPI ने इस पद पर अपना दावा पेश किया था, जिसे पिनाराई विजयन ने सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि यह पद CPI(M) के नेता को ही मिलेगा।
CPI के योगदान को नज़रअंदाज़ करने का आरोप
मजीद ने अपने लेख में CPI के ऐतिहासिक योगदान का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि केरल के राजनीतिक इतिहास में चुनावी ताकत से परे CPI की अपनी एक अलग और महत्वपूर्ण जगह है। उन्होंने आरोप लगाया कि CPI(M) ने जानबूझकर सी. अच्युत मेनन (1970-77) के नेतृत्व वाली CPI सरकार के योगदान को नजरअंदाज किया, जिसने केरल में शिक्षा, स्वास्थ्य और भूमि सुधार की नींव रखी थी। मजीद के अनुसार, CPI(M) ने भूमि सुधारों का श्रेय मुख्य रूप से ईएमएस नंबूदरीपाद और केआर गौरी अम्मा को दिया।
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि जब से CPI गठबंधन LDF में शामिल हुई है, उसे लगातार हाशिए पर धकेला गया है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे पिछली सरकार के दौरान पीएम श्री विवाद पर CPI की आपत्तियों को CPI(M) ने नज़रअंदाज़ कर दिया था। के.पी.ए. मजीद ने कहा, “लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति को इस बात पर चिंता होनी चाहिए कि CPI पिछले 25 सालों से LDF के भीतर घुटन महसूस कर रही है।”
इनपुट: IANS



