अहमदाबाद पटाखा ब्लास्ट के बाद बड़ी कार्रवाई, दो गोदामों से करीब 40 करोड़ के अवैध पटाखे बरामद
अहमदाबाद के रामोल इलाके में हुए जानलेवा पटाखा फैक्ट्री धमाके के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गुजरात पुलिस ने शहर के दो गोदामों पर छापा मारकर 39.57 करोड़ रुपये से…
अहमदाबाद के रामोल इलाके में हुए जानलेवा पटाखा फैक्ट्री धमाके के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गुजरात पुलिस ने शहर के दो गोदामों पर छापा मारकर 39.57 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के अवैध रूप से जमा किए गए पटाखे जब्त किए हैं। यह कार्रवाई जिले भर में विस्फोटक पदार्थों के असुरक्षित भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।
इस धमाके में तीन बच्चों सहित कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है, और सोमवार को एक और घायल व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद, प्रशासन अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण को लेकर सख्त हो गया है।
छापेमारी और बरामदगी
चांगोदर पुलिस ने बताया कि रविवार को गश्त के दौरान उन्हें पटाखों के अवैध भंडारण की पुख्ता जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने मोडासर चौराहे और अमाथापुरा गांव के पास स्थित 'अंबिका ट्रेड लिंक' नाम के एक गोदाम पर छापा मारा। तलाशी के दौरान, पुलिस को आमने-सामने बने दो बड़े गोदाम मिले, जिनमें विभिन्न प्रकार के पटाखों से भरे 65,954 कार्टन रखे हुए थे। इन पटाखों की कुल अनुमानित कीमत 39,57,90,000 रुपये आंकी गई है।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी
अधिकारियों के मुताबिक, गोदामों में आग से सुरक्षा के इंतजाम बेहद अपर्याप्त थे। प्रवेश द्वार पर कुछ अग्निशमन यंत्र और रेत की बाल्टियां तो थीं, लेकिन विस्फोटक की भारी मात्रा को देखते हुए ये नाकाफी थे। गोदामों में कोई वॉटर स्प्रिंकलर सिस्टम नहीं था। इतना ही नहीं, कुछ कार्टन टीन की छत वाले शेड के नीचे खुले में रखे गए थे। पुलिस का मानना है कि आग लगने या धमाका होने की स्थिति में इससे आसपास के लोगों की जान और संपत्ति को 'गंभीर खतरा' हो सकता था।
दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
इस मामले में पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पहले आरोपी अमितकुमार मोदी हैं, जिन्हें इस कारोबार का लाइसेंस होल्डर बताया गया है। दूसरे आरोपी का नाम किशन पटेल (29) है, जो गोदाम के प्रबंधन और स्टॉक की देखरेख का काम करते थे। पुलिस अब फर्म की कानूनी स्थिति, लाइसेंस की वैधता, भंडारण की स्वीकृत क्षमता और सुरक्षा शर्तों के पालन जैसे पहलुओं की जांच कर रही है। रामोल ब्लास्ट मामले में भी तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
इनपुट: IANS



