कुवैत ने अपने सैन्य ठिकानों पर हुए ड्रोन हमलों को नाकाम किया, ईरान पर लगाया आरोप
कुवैत की सेना ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने देश के हवाई क्षेत्र में घुस आए कई 'दुश्मन ड्रोन' को सफलतापूर्वक मार गिराया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इन ड्रोनों का मकसद देश के…
कुवैत की सेना ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने देश के हवाई क्षेत्र में घुस आए कई 'दुश्मन ड्रोन' को सफलतापूर्वक मार गिराया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इन ड्रोनों का मकसद देश के महत्वपूर्ण और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना था। सेना ने इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है।
सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए बताया कि ड्रोन के मलबे से कुछ जगहों पर संपत्ति को नुकसान हुआ है, लेकिन इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। हालांकि, सेना ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कुल कितने ड्रोन गिराए गए या किन विशेष ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा था।
हमले और हताहतों का ब्योरा
यह घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच कुछ दिनों की शांति के बाद फिर से शुरू हुए हवाई हमलों की पृष्ठभूमि में हुआ है। कुवैती सेना के अनुसार, गुरुवार को हुए एक ईरानी हमले में उत्तरी कुवैत में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। कुवैत स्थित चीनी दूतावास और सशस्त्र बलों ने पुष्टि की कि मृतक एक नेपाली ड्राइवर था, जो एक चीनी कंपनी के सब-कॉन्ट्रैक्टर के लिए काम करता था। इस हमले में कंपनी की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा, लेकिन कोई चीनी नागरिक हताहत नहीं हुआ।
ईरान के दावे
दूसरी ओर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने गुरुवार को कुवैत में स्थित अमेरिकी अली अल सलेम एयर बेस पर हमला करने का दावा किया था। सेपा न्यूज एजेंसी के मुताबिक, आईआरजीसी ने कहा कि इस हमले में दो ड्रोन हैंगर और एक ईंधन टैंक नष्ट हो गए। पिछले हफ्ते भी आईआरजीसी ने इसी बेस पर एक बड़े गोला-बारूद भंडार को कामिकेज ड्रोन से नष्ट करने और अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचाने का दावा किया था।
इनपुट: IANS



