गुजरात: भारी बारिश के अलर्ट पर प्रशासन मुस्तैद, 1100 से ज़्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाए गए
गुजरात में मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी के बाद राज्य का आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, एहतियात के तौर पर जोखिम वाले इलाकों…
गुजरात में मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी के बाद राज्य का आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, एहतियात के तौर पर जोखिम वाले इलाकों से 1,117 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है और कई जिलों में आपातकालीन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, सूरत और वलसाड समेत 15 जिलों में अगले दो दिनों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। इस चेतावनी के बाद राज्य प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
सूरत में सबसे ज़्यादा असर, कई तालुका प्रभावित
राज्य में सबसे अहम कदम सूरत जिले में उठाए गए, जहाँ के कई तालुकाओं में 3 से 10 इंच तक बारिश दर्ज की गई। जिला प्रशासन के मुताबिक, शुक्रवार शाम 4 बजे तक ग्रामीण क्षेत्रों के निचले गाँवों से 1,117 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। इन लोगों को सरकारी प्राइमरी स्कूलों, आश्रय गृहों और सामुदायिक हॉलों में ठहराया गया है, जहाँ उनके भोजन और रहने की व्यवस्था की गई है।
सबसे बड़ा बचाव अभियान मंगरोल तालुका में चलाया गया, जहाँ वसरावी, लुवारा और हरंगम समेत कई गाँवों से 321 लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया। इसके अलावा, मांडवी तालुका से 276, अंबिका से 151, ओलपाड से 99 और अन्य कई तालुकाओं से भी लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा
स्थिति का जायजा लेने के लिए गांधीनगर में अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) डॉ. जयंती रवि ने राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) का दौरा किया। उन्होंने राहत आयुक्त गौरव मकवाना से विस्तृत जानकारी लेने के बाद सभी आपातकालीन टीमों को चौबीसों घंटे अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए।
आपदा प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए सूरत जिला प्रशासन ने 'डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट' के तहत हर ग्रामीण तालुका में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की है। ये अधिकारी सीधे सूरत आपदा प्रबंधन केंद्र के साथ समन्वय स्थापित कर अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारियों और आपातकालीन अभियानों की देखरेख करेंगे।
इनपुट: IANS



