राजस्थान में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा: अगस्त में सर्वाधिक मामले, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट
राजस्थान में इस साल स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक राज्य में कुल 146…
राजस्थान में इस साल स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक राज्य में कुल 146 पॉजिटिव मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से अकेले अगस्त महीने में 55 मामले सामने आए हैं। दिल्ली सहित देश के कुछ अन्य हिस्सों में H1N1 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने पूरे राज्य में अलर्ट जारी कर दिया है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिंवसर ने गुरुवार को इन आंकड़ों की पुष्टि करते हुए बताया कि सरकार ने सभी चिकित्सा संस्थानों को मरीजों की स्क्रीनिंग, इलाज और रेफरल के लिए पूरी तरह तैयार रहने के कड़े निर्देश दिए हैं।
मामलों का मासिक विश्लेषण और वायरस का प्रकार
विभाग की प्रमुख सचिव (चिकित्सा और स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने आंकड़ों का ब्योरा देते हुए बताया कि संक्रमण के मामले साल की शुरुआत से ही सामने आ रहे थे, लेकिन अगस्त में इनमें तेजी आई। आंकड़े इस प्रकार हैं: जनवरी में दो, फरवरी में तीन, मार्च में 20, अप्रैल में 22, मई में 25, जून में 14 और जुलाई में पांच मामले दर्ज हुए।
राठौड़ ने आईसीएमआर (ICMR) की जानकारी का हवाला देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में फैल रहा वायरस H1N1 का कोई नया या अधिक खतरनाक स्ट्रेन नहीं है, बल्कि यह वही पुराना स्ट्रेन है जो पहले भी देखा गया है। उन्होंने लोगों से घबराने की बजाय सावधानी बरतने और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लेने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह और बचाव के उपाय
स्वाइन फ्लू एक श्वसन संबंधी बीमारी है, जिसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कुछ जरूरी सलाह जारी की हैं:
- स्वच्छता: खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल या कोहनी से ढकें। बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोएं या सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
- सावधानी: छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों को अधिक जोखिम होता है, इसलिए उन्हें विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- चिकित्सकीय सलाह: सांस लेने में तकलीफ, लगातार तेज बुखार या ऑक्सीजन का स्तर कम होने जैसे गंभीर लक्षण दिखने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवा न लें।
- सामाजिक दूरी: बीमार होने पर स्कूल, दफ्तर या भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से परहेज करें।
विभाग पूरे राज्य में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से अफवाहों से बचकर सतर्क रहने का आग्रह किया है।
इनपुट: IANS



