अहमदाबाद में जलभराव से निपटने की बड़ी तैयारी, ₹900 करोड़ की जल निकासी परियोजना को मिली मंजूरी
हाल ही में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश के बाद अहमदाबाद में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए एक बड़ी योजना तैयार की गई है। अहमदाबाद नगर निगम (AMC) शहर के नए शामिल हुए पंचायत क्षेत्रों और पश्चिमी उपनगरों…
हाल ही में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश के बाद अहमदाबाद में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए एक बड़ी योजना तैयार की गई है। अहमदाबाद नगर निगम (AMC) शहर के नए शामिल हुए पंचायत क्षेत्रों और पश्चिमी उपनगरों में जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लगभग 900 करोड़ रुपए की निविदाएं जारी करेगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह घोषणा अहमदाबाद जिले के प्रभारी मंत्री ऋषिकेश पटेल ने शुक्रवार को की।
यह फैसला मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ अंबली और घुमा जैसे बारिश से प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद लिया गया। मंत्री पटेल ने बताया कि शहर के कुछ हिस्सों में बहुत कम समय में हुई अत्यधिक बारिश के कारण मौजूदा ढाँचे के बावजूद पानी निकलने में काफी समय लगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि निगम की टीमें यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही हैं कि जल्द से जल्द पानी की निकासी हो और नागरिकों को असुविधा न हो।
जल निकासी व्यवस्था का विस्तार और सुधार
अधिकारीयों ने माना है कि अहमदाबाद के विस्तार और कई ग्राम पंचायत क्षेत्रों के नगर निगम सीमा में शामिल होने से एक व्यापक और आधुनिक जल निकासी प्रणाली की आवश्यकता बढ़ गई है। मंत्री ने कहा कि इसी के तहत बोपाल, घुमा समेत पश्चिमी इलाकों और एसपी रिंग रोड से जुड़ी लाइनों के लिए स्थायी जल निकासी कार्यों पर 900 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। प्रशासन के अनुसार, पहले से पहचाने गए ब्लैक स्पॉट पर इस बार बाढ़ की समस्या पहले की तुलना में कम हुई है।
शहर में बारिश का असर और निगम की कार्रवाई
पिछले 36 घंटों में अहमदाबाद में हुई असाधारण भारी बारिश के कारण वासना बैराज के सभी 22 गेट खोलने पड़े। शहर में औसतन 18.42 इंच बारिश दर्ज की गई। एएमसी स्थायी समिति के अध्यक्ष कमलेश पटेल ने बताया कि निगम को 126 रिहायशी सोसाइटियों से जलभराव की शिकायतें मिली थीं, जिनमें से कई का समाधान कर दिया गया है और बाकी पर काम जारी है। सड़क धंसने की घटनाओं पर ऋषिकेश पटेल ने कहा कि ये तकनीकी मामले हैं और मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। साथ ही, नई बनी सड़कों पर ऐसी समस्या न हो, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
इनपुट: IANS



