गुजरात: सूरत में भारी बारिश का 'रेड अलर्ट', प्रशासन की लोगों से 24 घंटे घर में रहने की अपील
गुजरात के सूरत शहर और जिले में भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा भारी से बहुत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी करने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। सरकार ने नागरिकों से अगले 24 घंटे तक अपने घरों…
गुजरात के सूरत शहर और जिले में भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा भारी से बहुत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी करने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। सरकार ने नागरिकों से अगले 24 घंटे तक अपने घरों या किसी सुरक्षित स्थान पर ही रहने की अपील की है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, संभावित बाढ़ और तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन की टीमों को तैयार रखा गया है और निचले इलाकों से लोगों को निकालने का काम शुरू कर दिया गया है।
राज्य के स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल्ल पंशेरिया ने शुक्रवार को सूरत जिला आपदा कंट्रोल रूम का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान जिला कलेक्टर तेजस परमार ने उन्हें मौजूदा मौसम की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की निगरानी के बारे में जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि सूरत डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सरकार ने सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
प्रशासन की तैयारी और निर्देश
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने कई अहम कदम उठाए हैं। सूरत शहर और जिले के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। साथ ही, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीमों को किसी भी स्थिति के लिए स्टैंडबाय पर रखा गया है।
सूरत के कलेक्टर ने एहतियात के तौर पर कपड़ा इकाइयों, हीरा कारखानों और औद्योगिक संघों को छुट्टी घोषित करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने उन इलाकों से लोगों को हटाना शुरू कर दिया है, जहां पिछली बार भारी बारिश के दौरान बाढ़ आई थी। वेलांजा समेत कई निचले इलाकों से भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
नागरिकों के लिए क्या हैं सलाह?
प्रफुल्ल पंशेरिया ने लोगों से सावधानी बरतने का आग्रह करते हुए कहा कि अगले 24 घंटों में 30 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने और भारी बारिश की आशंका है। उन्होंने कहा, "इस स्थिति में हर नागरिक की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।" लोगों को सलाह दी गई है कि वे बढ़ते पानी को देखने के लिए खाड़ियों या नदी किनारे जाने जैसा जोखिम न उठाएं।
इसके अलावा, प्रशासन ने लोगों से कम से कम अगले 24 घंटों के लिए पीने के पानी और दूध जैसी जरूरी चीजों का स्टॉक रखने को कहा है। मंत्री ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से भी सावधान किया और केवल कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि झूठी अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इनपुट: IANS



