गुजरात में भारी बारिश की आशंका: 8 जिलों के लिए मौसम विभाग का रेड अलर्ट, प्रशासन मुस्तैद
गुजरात में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 जुलाई के…
गुजरात में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 जुलाई के लिए दक्षिण और मध्य गुजरात के आठ जिलों में 'रेड अलर्ट' जारी कर दिया है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी टीमों और विभागों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।
जिन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी हुआ है, उनमें अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, नर्मदा, सूरत, तापी और डांग शामिल हैं। इसके अलावा, मौसम विभाग ने 31 जुलाई को ही सौराष्ट्र के कई इलाकों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
प्रशासन की तैयारी और दिशा-निर्देश
आगामी बारिश की चेतावनी के मद्देनज़र, गांधीनगर स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) में एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई। राहत आयुक्त गौरव मकवाना की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मौसम पर नज़र रखने वाले समूह (वेदर वॉच ग्रुप) ने तैयारियों की समीक्षा की। मकवाना ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे अपने संसाधनों और प्रतिक्रिया दलों की मैपिंग पूरी कर लें और सुनिश्चित करें कि उन्हें तुरंत तैनात किया जा सके।
मकवाना ने अधिकारियों से यह भी कहा कि वे जिला कलेक्टरों के साथ समन्वय स्थापित कर मैपिंग का काम पूरा करें ताकि तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहा जा सके। बैठक में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर भी चर्चा हुई। तेज हवा और बारिश से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए सड़क एवं भवन विभाग को होर्डिंग, बैनर और जर्जर ढांचों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
आम लोगों तक चेतावनी पहुँचाने पर ज़ोर
राहत आयुक्त ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि मौसम संबंधी चेतावनियाँ और सुरक्षा के संदेश आम जनता, खासकर दिहाड़ी मजदूरों और कच्चे घरों में रहने वाले लोगों तक समय पर पहुँचें। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग आपदा के समय सबसे अधिक असुरक्षित होते हैं, इसलिए उन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
गौरव मकवाना ने राज्य में इस मानसून के दौरान बारिश के असमान पैटर्न का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जहाँ द्वारका जैसे इलाकों में बहुत कम बारिश हुई है, वहीं वलसाड और नवसारी में लगभग 100 प्रतिशत वर्षा हो चुकी है। उन्होंने ढोलका का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ सिर्फ दो घंटे में करीब 20 इंच की अभूतपूर्व बारिश दर्ज की गई। इन परिस्थितियों को देखते हुए सभी जिला कलेक्टरों और आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
इनपुट: IANS



