गुजरात: दिव्यांगों के लिए साइडकार वाली बाइक को हरी झंडी, सरकार ने रजिस्ट्रेशन और बदलाव को दी मंजूरी
गुजरात में अब दिव्यांग व्यक्तियों के लिए साइडकार वाली मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करना और आसान हो जाएगा। राज्य सरकार ने ऐसे वाहनों के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) और उनमें बदलाव करने की प्रक्रिया को आधिकारिक तौर…
गुजरात में अब दिव्यांग व्यक्तियों के लिए साइडकार वाली मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करना और आसान हो जाएगा। राज्य सरकार ने ऐसे वाहनों के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) और उनमें बदलाव करने की प्रक्रिया को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को आवागमन का एक सुरक्षित और स्वतंत्र साधन उपलब्ध कराना है, विशेषकर उन्हें जिन्हें सामान्य दोपहिया वाहन चलाने या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने में कठिनाई होती है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के परिवहन आयुक्त ने सभी RTO और ARTO कार्यालयों को इस संबंध में एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है। इस नीति में मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों को भी शामिल किया गया है, जिसके लिए विशेष प्रावधान तय किए गए हैं।
पंजीकरण और सुरक्षा के लिए कड़े नियम
नए नियमों के तहत, किसी भी साइडकार युक्त मोटरसाइकिल को मंजूरी देने से पहले उसकी सघन जांच की जाएगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि साइडकार और अन्य बदलाव ड्राइवर, दिव्यांग यात्री या सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए किसी भी तरह का सुरक्षा जोखिम पैदा न करें। वाहन के लिए कम से कम थर्ड-पार्टी रिस्क कवर वाली वैध बीमा पॉलिसी होना भी अनिवार्य है। इसके अलावा, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के सभी प्रासंगिक प्रावधानों का पालन करना होगा।
मानसिक दिव्यांगों और अभिभावकों के लिए विशेष शर्तें
मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों से जुड़े मामलों के लिए सर्कुलर में स्पष्ट शर्तें रखी गई हैं। ऐसे मामलों में, वाहन का स्वामित्व और संचालन अभिभावक (गार्जियन) की देखरेख में होगा। वाहन को केवल कानूनी अभिभावक या उनकी सहमति से किसी अधिकृत व्यक्ति द्वारा ही चलाया जा सकता है, जिसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना आवश्यक है।
गति सीमा और हेलमेट अनिवार्य
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन विशेष वाहनों के लिए कुछ सीमाएं भी तय की गई हैं। साइडकार वाली मोटरसाइकिल को किसी भी हालत में 40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से नहीं चलाया जा सकेगा। ड्राइवर और साइडकार में बैठे यात्री (मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति सहित) दोनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। साथ ही, साइडकार में यात्री की सुरक्षा के लिए सीट बेल्ट या कोई अन्य उपयुक्त सुरक्षा प्रणाली लगाना भी जरूरी है।
इनपुट: IANS



