सूरत: 390% मुनाफे का लालच देकर करोड़ों की ठगी, पुलिस ने एक और आरोपी को किया गिरफ्तार
गुजरात के सूरत में साइबर क्राइम सेल ने ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह गिरफ्तारी 7 करोड़ रुपये से अधिक की…
गुजरात के सूरत में साइबर क्राइम सेल ने ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह गिरफ्तारी 7 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी से जुड़े दो मामलों की जांच के सिलसिले में की गई है। आरोपी पर धोखेबाजों को बैंक खाता मुहैया कराने का आरोप है, जिसका इस्तेमाल देशभर में लोगों को निशाना बनाने के लिए किया गया।
पुलिस ने शुक्रवार को जानकारी दी कि गिरफ्तार किए गए 28 वर्षीय व्यक्ति की पहचान भावनगर जिले के वाव निवासी अश्विन गोहिल के रूप में हुई है। गोहिल की गिरफ्तारी से पहले इस मामले में तीन अन्य आरोपियों— सत्यजीत मंजारिया, पंकजकुमार रमानी और विवेक बेल्डिया— को भी पकड़ा जा चुका है।
कैसे दिया गया धोखाधड़ी को अंजाम?
साइबर ठगों ने पीड़ितों को फंसाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप्स का इस्तेमाल किया। एक मामले में, उन्होंने 'BRP फंड 104-डे वेल्थ लीप प्रोग्राम' नाम के ग्रुप के जरिए शिकायतकर्ता के बेटे से संपर्क किया। उन्हें शेयर बाजार में निवेश पर 390% तक के भारी मुनाफे का झांसा दिया गया और एक फर्जी वेबसाइट पर ले जाया गया। वेबसाइट पर नकली मुनाफा दिखाकर पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में 5.99 लाख रुपये जमा करा लिए गए।
इसी तरह, दूसरे मामले में 'BRP फंड-ग्रो टुगेदर-008' नाम के व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल किया गया। पीड़ित का भरोसा जीतने के बाद, उसे एक और फर्जी वेबसाइट पर भेजा गया और 19.60 लाख रुपये ठग लिए गए।
एक बैंक खाते से 7 करोड़ की ठगी
जांच में पता चला कि इस पूरी धोखाधड़ी के तार एक ही बैंक खाते से जुड़े हैं। पुलिस के मुताबिक, अश्विन गोहिल ने कमीशन के बदले यह ICICI बैंक का चालू खाता पहले गिरफ्तार हो चुके सत्यजीत मंजारिया से हासिल किया था।
इसके बाद यह खाता कई हाथों से गुजरा। गोहिल ने इसे 3,000 रुपये में पंकजकुमार रमानी को, रमानी ने 5,000 रुपये में विवेक बेल्डिया को और बेल्डिया ने 26,000 रुपये में मुख्य फरार आरोपी को सौंप दिया। पुलिस ने पाया कि इस एक खाते से कुल 2.72 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ था। जब इस खाते की जानकारी नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर जांची गई, तो देशभर के अलग-अलग राज्यों से 37 शिकायतें मिलीं, जिनमें कुल धोखाधड़ी की रकम 7,01,47,845 रुपये पाई गई।
पुलिस की चेतावनी
इस मामले के सामने आने के बाद साइबर क्राइम सेल ने नागरिकों से अपील की है कि वे थोड़े से कमीशन के लालच में आकर अपने बैंक खाते किसी अनजान व्यक्ति को न दें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे खातों का दुरुपयोग साइबर अपराधों के लिए किया जा सकता है, और खाताधारक को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
इनपुट: IANS



