गुजरात: गांवों में घर बनाने के लिए जमीन समतल करने पर अब सरकार देगी ज्यादा मदद
गुजरात में ग्रामीण बेघर परिवारों के लिए अब अपना घर बनाना थोड़ा और आसान हो सकता है। राज्य सरकार ने उन्हें आवंटित होने वाले मुफ्त आवासीय भूखंडों को निर्माण के लिए तैयार करने यानी समतल (लेवलिंग) करने की…
गुजरात में ग्रामीण बेघर परिवारों के लिए अब अपना घर बनाना थोड़ा और आसान हो सकता है। राज्य सरकार ने उन्हें आवंटित होने वाले मुफ्त आवासीय भूखंडों को निर्माण के लिए तैयार करने यानी समतल (लेवलिंग) करने की वित्तीय सहायता में भारी बढ़ोतरी कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य केंद्र सरकार की 'सभी के लिए आवास' पहल को गति देना है।
यह फैसला पंचायत, ग्रामीण आवास एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मंत्री ऋषिकेश पटेल और राज्य मंत्री संजयसिंह महिडा के मार्गदर्शन में लिया गया, जिसका प्रस्ताव 17 जुलाई को जारी हुआ। गुजरात सरकार कई वर्षों से ग्रामीण बेघर परिवारों को 100 वर्ग गज के मुफ्त प्लॉट दे रही है, लेकिन अक्सर यह जमीन ऊबड़-खाबड़ होती है, जिससे निर्माण कार्य मुश्किल हो जाता है।
कितनी बढ़ी आर्थिक सहायता?
नई व्यवस्था के तहत, प्रत्येक व्यक्तिगत भूखंड को समतल करने के लिए मिलने वाली सहायता राशि को 1,000 रुपये से पांच गुना बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, जहां बड़े पैमाने पर ऊबड़-खाबड़ जमीन को समतल करने की जरूरत होती है, वहां सहायता को 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर से चार गुना बढ़ाकर 2 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है।
योजना का उद्देश्य और प्रभाव
सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इस बढ़ी हुई सहायता से भूमि तैयार करने की लागत कम होगी और बेघर परिवारों को स्थायी मकान बनाने में तेजी आएगी। यह पहल विशेष रूप से उन गांवों के लाभार्थियों के लिए राहत भरी है, जहां आवंटित भूमि असमतल होने के कारण बिना लेवलिंग के मकान बनाना संभव नहीं होता। सरकार का कहना है कि इससे गांवों में आवासीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध विकास होगा और पात्र परिवारों को घर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।
इनपुट: IANS



