गुजरात में औद्योगिक विकास को नई गति: ₹3000 करोड़ की परियोजनाओं को हरी झंडी, 6100 से ज़्यादा रोज़गार की उम्मीद
गुजरात सरकार ने राज्य में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के तहत लगभग 2,999 करोड़ रुपये…
गुजरात सरकार ने राज्य में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के तहत लगभग 2,999 करोड़ रुपये से अधिक की औद्योगिक परियोजनाओं को मंज़ूरी दी गई। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरी तरह से अमल में आने पर राज्य में 6,100 से ज़्यादा प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होने की संभावना है।
यह अहम फैसला उपमुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री हर्ष संघवी की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठकों के दौरान लिया गया। सरकार का मानना है कि इन स्वीकृतियों से राज्य के विनिर्माण क्षेत्र, औद्योगिक बुनियादी ढांचे और रोज़गार के अवसरों को काफी मजबूती मिलेगी।
किस नीति के तहत कितना निवेश?
स्वीकृत प्रस्तावों में सबसे बड़ा हिस्सा 'औद्योगिक नीति-2015' का है। इस नीति के तहत, बड़े उद्योगों को पात्रता प्रमाण पत्र देने वाली समिति ने कुल 32 आवेदनों को मंजूरी दी, जिनसे 1,978.04 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आएगा। इन परियोजनाओं से ही करीब 4,739 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है।
इसके अलावा, बड़े उद्योगों और प्रमुख क्षेत्रों के लिए बनी पूंजी सब्सिडी योजना के तहत 649.23 करोड़ रुपये के निवेश वाली एक और परियोजना को हरी झंडी दी गई। इससे लगभग 871 और प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनेंगे। वहीं, राज्य की वस्त्र नीति (2019) के तहत भी तीन इकाइयों को सहायता देने का निर्णय लिया गया है।
किन जिलों को मिला सबसे ज्यादा फायदा?
नया निवेश राज्य के कई जिलों में फैला हुआ है, जिससे संतुलित क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा। प्रमुख निवेश वाले जिले इस प्रकार हैं:
- अहमदाबाद: ऑटोमोबाइल, धातु और सीमेंट क्षेत्रों में 528.49 करोड़ रुपये।
- मोरबी: सिरेमिक, रसायन और प्लास्टिक उद्योग में 480.16 करोड़ रुपये।
- कच्छ: धातु क्षेत्र में 332.71 करोड़ रुपये।
- मेहसाणा: प्लास्टिक और धातु परियोजनाओं में 301.16 करोड़ रुपये।
इनके अलावा वडोदरा, साबरकांठा, सूरत, गांधीनगर और भरूच जैसे जिलों को भी करोड़ों रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है।
औद्योगिक नीति-2015 का प्रभाव
अधिकारियों के मुताबिक, 2015 में लागू होने के बाद से यह औद्योगिक नीति बेहद सफल रही है। इसके तहत पात्र इकाइयों को शुद्ध SGST वापसी या सहायता दी जाती है। इस नीति के लागू होने से अब तक गुजरात में 1,48,336.35 करोड़ रुपये का कुल निवेश आकर्षित हुआ है और 1,65,053 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा हुए हैं। इसने राज्य में MSME क्षेत्र के विकास को भी बढ़ावा दिया है।
इनपुट: IANS



