गुजरात: मांजलपुर उपचुनाव में भाजपा की शानदार जीत, सतीश पटेल ने 30,000 से ज्यादा वोटों से कांग्रेस को हराया
वडोदरा की मांजलपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना दबदबा कायम रखा है। सोमवार को हुई मतगणना में भाजपा उम्मीदवार सतीश पटेल ने 30,630 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की…
वडोदरा की मांजलपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना दबदबा कायम रखा है। सोमवार को हुई मतगणना में भाजपा उम्मीदवार सतीश पटेल ने 30,630 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस जीत के साथ ही वडोदरा में भाजपा की पारंपरिक पकड़ और भी मजबूत हो गई है।
सतीश पटेल को कुल 55,481 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस उम्मीदवार भीखा रबारी को 24,851 वोटों से संतोष करना पड़ा। यह उपचुनाव भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री योगेश पटेल के निधन के कारण आवश्यक हो गया था, जो तीन दशकों से अधिक समय तक विधायक रहे।
मतगणना और नतीजों का पूरा ब्यौरा
मतों की गिनती सोमवार सुबह वडोदरा के मकरपुरा स्थित भारतीय विद्या भवन में शुरू हुई। पटेल ने पहले दौर से ही अपनी बढ़त बना ली थी। सुबह 9 बजे तक वह 3,519 वोटों से आगे चल रहे थे, और 11वें दौर तक उनकी बढ़त 19,368 वोटों तक पहुंच गई। वोटों की गिनती के सभी 20 राउंड पूरे होने के बाद उन्हें आधिकारिक तौर पर विजयी घोषित किया गया।
क्यों हुआ यह उपचुनाव?
यह सीट भाजपा के दिग्गज नेता योगेश पटेल के निधन से खाली हुई थी। योगेश पटेल 2008 में मांजलपुर सीट के गठन के बाद से ही इसका प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इससे पहले, उन्होंने रावपुरा निर्वाचन क्षेत्र से लगातार पांच बार चुनाव जीता था और अपने राजनीतिक जीवन में कुल आठ बार विधायक चुने गए थे।
कौन हैं विजेता सतीश पटेल?
सतीश पटेल का राजनीतिक और सहकारी क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। वह वडोदरा नगर निगम में पार्षद, स्थायी समिति के अध्यक्ष और वडोदरा जिला भाजपा इकाई के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने छानी नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष और बड़ौदा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक व वडोदरा शुगर कोऑपरेटिव के निदेशक के रूप में भी काम किया है।
मतदान प्रतिशत में आई गिरावट
इस उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान हुआ था, जो काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा। हालांकि, इस बार मतदान का प्रतिशत काफी कम दर्ज किया गया। निर्वाचन क्षेत्र में केवल 37.50% मतदान हुआ, जो 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में दर्ज 60.15% की तुलना में बहुत कम है। इस क्षेत्र में 2,19,000 से अधिक मतदाता 260 मतदान केंद्रों पर वोट डालने के पात्र थे।
इनपुट: IANS



