बुधवार, 22 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
गुजरात

गुजरात को नशामुक्त बनाने की बड़ी पहल, हर ज़िला अस्पताल में खुलेगा 15 बेड का डी-एडिक्शन सेंटर

गुजरात सरकार ने राज्य को 'ड्रग फ्री' बनाने के अपने अभियान को और मज़बूती देते हुए एक महत्वपूर्ण फ़ैसला लिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में अब राज्य के सभी 34 ज़िला अस्पतालों में 15-15…

गुजरात को नशामुक्त बनाने की बड़ी पहल, हर ज़िला अस्पताल में खुलेगा 15 बेड का डी-एडिक्शन सेंटर
(फोटो: IANS)

गुजरात सरकार ने राज्य को 'ड्रग फ्री' बनाने के अपने अभियान को और मज़बूती देते हुए एक महत्वपूर्ण फ़ैसला लिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में अब राज्य के सभी 34 ज़िला अस्पतालों में 15-15 बेड वाले नशा मुक्ति केंद्र (डी-एडिक्शन सेंटर) स्थापित किए जाएंगे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस पूरी परियोजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 तक के लिए 14.90 करोड़ रुपए की प्रशासनिक मंज़ूरी दे दी गई है।

विज्ञापन

इस पहल का मुख्य उद्देश्य नशे की लत का सामना कर रहे लोगों को उनके ही ज़िले में इलाज और पुनर्वास की बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि इससे मरीज़ों को इलाज के लिए बड़े शहरों में जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उन पर और उनके परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक और भावनात्मक बोझ कम होगा।

कैसी होंगी सुविधाएँ?

इन केंद्रों में नशे से छुटकारा दिलाने के लिए एक समग्र और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। यहाँ मरीज़ों के लिए ओपीडी और आईपीडी, दोनों तरह की सेवाएँ उपलब्ध होंगी। दी जाने वाली सुविधाओं में वैज्ञानिक तरीके से डिटॉक्सिफिकेशन, नशा मुक्ति उपचार, काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ, पारिवारिक परामर्श और पुनर्वास (रीहैबिलिटेशन) शामिल हैं।

इन सेवाओं को प्रदान करने के लिए हर केंद्र में डॉक्टरों, नर्सों, काउंसलरों, मनोवैज्ञानिकों और अन्य प्रशिक्षित विशेषज्ञों की एक बहु-विषयक टीम तैनात की जाएगी, जो मरीज़ों को एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल देगी।

पारदर्शिता और निगरानी

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। सभी ज़रूरी उपकरणों की ख़रीद गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से होगी। इसके अलावा, पूरे प्रोजेक्ट की नियमित निगरानी, सोशल ऑडिट और थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन भी करवाया जाएगा। सरकार का कहना है कि अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार पर सख़्ती के साथ-साथ, प्रभावित लोगों के पुनर्वास पर ध्यान देना भी ज़रूरी है। इन केंद्रों की स्थापना से राज्य को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी।

इनपुट: IANS

N

News4Social गुजरात डेस्क

News4Social गुजरात डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से गुजरात से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →