गुजरात: नया ड्रग लाइसेंस देने के बदले मांगी रिश्वत, ACB ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ा
गुजरात के भरूच में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की एक टीम ने खाद्य एवं औषधि विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों अधिकारियों पर एक…
गुजरात के भरूच में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की एक टीम ने खाद्य एवं औषधि विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों अधिकारियों पर एक नए थोक दवा लाइसेंस (होलसेल ड्रग लाइसेंस) को मंजूरी देने की प्रक्रिया के लिए 40,000 रुपये की घूस मांगने का आरोप है।
गिरफ्तार किए गए अधिकारियों की पहचान सहायक आयुक्त (क्लास-1) प्रकाशभाई पोसनानी (54) और ड्रग इंस्पेक्टर एवं सहायक आयुक्त (क्लास-2) सुरभि बेन देसाई (29) के रूप में हुई है। ACB ने यह कार्रवाई 18 अगस्त को भरूच स्थित खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन कार्यालय में की, जहाँ सहायक आयुक्त के ही कक्ष में जाल बिछाया गया था।
कैसे सामने आया रिश्वत का मामला?
जांच के मुताबिक, एक व्यक्ति ने दवाओं के थोक व्यापार के लिए लाइसेंस का आवेदन किया था। आरोप है कि आवेदन की प्रक्रिया के दौरान सुरभिबेन देसाई ने आवेदक से संपर्क किया और कहा कि लाइसेंस जारी हो जाएगा, लेकिन इसके लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को 40 से 50 हजार रुपये देने होंगे।
रिश्वत देने के बजाय आवेदक ने इसकी शिकायत सीधे नर्मदा ACB पुलिस स्टेशन में दर्ज करा दी। इसी शिकायत के आधार पर ACB ने जाल बिछाने की योजना तैयार की।
रंगे हाथों पकड़े गए अधिकारी
तय योजना के तहत, जब दोनों अधिकारियों ने आवेदक से 40,000 रुपये की राशि स्वीकार की, तो ACB की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी ने रिश्वत में दी गई पूरी रकम भी मौके से बरामद कर ली है।
ACB का कहना है कि दोनों अधिकारियों ने लोक सेवक के तौर पर अपने पद का दुरुपयोग किया और आपराधिक कदाचार में लिप्त पाए गए। इस ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व ACB वडोदरा के उपनिदेशक बलदेव देसाई ने किया। फिलहाल, दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।
इनपुट: IANS



