ट्रंप की टैरिफ नीति सफल, व्यापार घाटा कम हो रहा है: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमीसन ग्रीर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापक टैरिफ नीति का पुरजोर बचाव किया है। उन्होंने दावा किया है कि इस रणनीति ने न केवल अमेरिका के व्यापार घाटे को कम किया…
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमीसन ग्रीर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापक टैरिफ नीति का पुरजोर बचाव किया है। उन्होंने दावा किया है कि इस रणनीति ने न केवल अमेरिका के व्यापार घाटे को कम किया है, बल्कि भारत और जापान जैसे प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ बातचीत में अमेरिका की स्थिति को भी मजबूत किया है।
समाचार एजेंसी IANS को दिए एक साक्षात्कार में ग्रीर ने कहा कि टैरिफ नीति की बदौलत अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र में फिर से जान आ रही है और कंपनियों को देश में उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "व्यापार घाटा कम हो रहा है। कंपनियां फिर से अमेरिका में उत्पादन शुरू कर रही हैं। हम वेतन बढ़ाने में सफल हो रहे हैं।"
आलोचनाओं और कानूनी चुनौतियों पर सरकार का पक्ष
इस नीति को लेकर अर्थशास्त्रियों, कारोबारी संगठनों की आलोचना और कानूनी चुनौतियों पर भी ग्रीर ने अपनी बात रखी। यह स्वीकार करते हुए कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ कार्यक्रम के एक बड़े हिस्से को रद्द कर दिया था, उन्होंने कहा कि उन्हें इस रणनीति पर कोई पछतावा नहीं है। उनके अनुसार, प्रशासन अब दूसरे कानूनी विकल्पों के जरिए अपनी व्यापार नीति को आगे बढ़ा रहा है।
ग्रीर ने कहा, "जब भी आप किसी बड़ी नीति में बदलाव करते हैं और बड़े कारोबारी या विशेष हितों को चुनौती देते हैं, तो विरोध होना तय है।" उन्होंने आगे कहा, "हमारी नीतियों को अदालत में चुनौती मिलना कोई नई बात नहीं है। हमेशा कुछ लोग ऐसे होंगे जो अमेरिकी कामगारों की कीमत पर अपना फायदा कमाना चाहते हैं और अपने पुराने कारोबारी मॉडल को बचाने के लिए मुकदमे करेंगे।"
नीति का उद्देश्य और भविष्य की दिशा
जैमीसन ग्रीर ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का लक्ष्य दुनिया को बदलना नहीं, बल्कि व्यापार के नियमों को अपने हितों के अनुरूप बनाना है। उन्होंने कहा, "हम किसी खास देश के खिलाफ नहीं हैं। हमारा लक्ष्य सिर्फ अमेरिका के हितों की रक्षा करना है।"
उनके अनुसार, इस नीति के सकारात्मक परिणाम दिखने शुरू हो गए हैं, जैसे फैक्ट्रियों में निवेश बढ़ना और मजदूरी में सुधार। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि देश की विनिर्माण क्षमता को पूरी तरह से दोबारा खड़ा करने में समय लगेगा, लेकिन अमेरिकी जनता को लंबे समय में इसके फायदे ज़रूर दिखेंगे।
इनपुट: IANS



