बुधवार, 9 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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केरल: मुख्यमंत्री विजयन के खिलाफ ED की सिफारिश पर बोले नेता प्रतिपक्ष, 'कानून के मुताबिक होगी कार्रवाई'

केरल में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके परिवार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सिफारिशों पर राज्य सरकार ने कानूनी राय लेने का फैसला किया है। नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन ने स्पष्ट किया है कि ईडी…

केरल: मुख्यमंत्री विजयन के खिलाफ ED की सिफारिश पर बोले नेता प्रतिपक्ष, 'कानून के मुताबिक होगी कार्रवाई'
(फोटो: IANS)

केरल में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके परिवार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सिफारिशों पर राज्य सरकार ने कानूनी राय लेने का फैसला किया है। नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन ने स्पष्ट किया है कि ईडी द्वारा पुलिस प्रमुख को भेजे गए पत्र पर कोई भी कदम उठाने से पहले उसकी कानूनी पड़ताल की जाएगी और फिर कानून के अनुसार ही निर्णय होगा।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह मामला सीएमआरएल-एक्सालॉजिक विवाद से जुड़ा है। ईडी ने अपनी जांच के निष्कर्ष और संबंधित दस्तावेज धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 66(2) के तहत केरल पुलिस प्रमुख को सौंपे हैं। एजेंसी ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीना और दामाद व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास समेत अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है।

कानूनी प्रक्रिया, राजनीतिक मुद्दा नहीं

वी.डी. सतीशन ने इस मामले को राजनीतिक चश्मे से देखने से इनकार किया। उन्होंने कहा, "यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। कानून अपना काम करेगा।" उन्होंने यह भी बताया कि ईडी ने एक से अधिक मामलों में सामग्री भेजी है, इसलिए कोई भी फैसला लेने से पहले सरकार के लिए सबूतों की गहन जांच करना आवश्यक है।

CPI(M) के रुख की आलोचना

सतीशन ने इस मुद्दे पर CPI(M) की प्रतिक्रिया की आलोचना करते हुए उसे 'अजीब' बताया। उन्होंने अपनी पार्टी के रुख से तुलना करते हुए कहा कि जब ईडी ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी से पूछताछ की थी, तो उन्होंने एजेंसी के साथ पूरा सहयोग किया था। सतीशन के मुताबिक, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ईडी अधिकारियों पर हमला नहीं किया था, जबकि CPI(M) अपने नेताओं का बचाव कर रही है।

अन्य मुद्दों पर भी दिया जवाब

इस दौरान सतीशन ने सरकार के अन्य फैसलों पर भी बात की। पीएम श्री योजना के सवाल पर उन्होंने कहा कि कैबिनेट की एक उप-समिति मामले की जांच कर रही है और सही समय पर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने पिछली LDF सरकार पर आरोप लगाया कि इस विषय पर बनी कमेटी की सात महीने तक बैठक ही नहीं हुई। वहीं, मंत्रियों के निजी स्टाफ की नियुक्तियों का बचाव करते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार में 476 निजी स्टाफ सदस्य हैं, जबकि पिनाराई विजयन की पिछली सरकार में यह संख्या 787 थी।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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