PM मोदी की पोस्ट पर रोक: सरकार ने Meta से मांगा विस्तृत जवाब, अधिकारियों को पेश होने का निर्देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फेसबुक पोस्ट पर अस्थायी रोक लगने के मामले में केंद्र सरकार ने मेटा से विस्तृत जवाब तलब किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फेसबुक पोस्ट पर अस्थायी रोक लगने के मामले में केंद्र सरकार ने मेटा से विस्तृत जवाब तलब किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों को अगले 7 से 10 दिनों के भीतर सरकार के समक्ष पेश होने के लिए कहा है।
यह मामला 23 जुलाई को प्रधानमंत्री द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए NEET परीक्षा पेपर लीक मामले में सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इस पोस्ट पर फेसबुक द्वारा कुछ समय के लिए अस्थायी रोक लगा दी गई थी, जिसे लेकर सरकार ने गंभीरता दिखाई है।
सरकार का रुख और मेटा की सफाई
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि सरकार इस मामले को पूरी तरह समझने के लिए मेटा से नीतिगत और तकनीकी, दोनों स्तरों पर स्पष्टीकरण चाहती है। उन्होंने कहा, "भारत अपनी चिंताएं सीधे मेटा तक पहुंचाना चाहता है और उन हालात के बारे में पूरी जानकारी चाहता है जिनकी वजह से यह अस्थायी रोक लगाई गई थी।"
हालांकि मेटा ने इस घटना को एक "तकनीकी खराबी" बताते हुए खेद प्रकट किया था और सरकार को शुरुआती स्पष्टीकरण भी दिया था। लेकिन केंद्र सरकार का मानना है कि यह सफाई अपर्याप्त है और इस मामले में और गहराई से जांच की आवश्यकता है। सरकार ने कंपनी से यह भी बताने को कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वह क्या उपाय कर रही है।
भविष्य के लिए नए प्रोटोकॉल
एस. कृष्णन के मुताबिक, मेटा ने सरकार को सूचित किया है कि उसने 28 जुलाई से एक नया प्रोटोकॉल लागू कर दिया है। इस नई प्रक्रिया के तहत प्रधानमंत्री और अन्य हाई-प्रोफाइल अकाउंट्स द्वारा प्रकाशित की जाने वाली सामग्री की अतिरिक्त निगरानी की जाएगी। कंपनी का लक्ष्य इस तरह की अनजाने में लगाई जाने वाली रोक के खिलाफ सुरक्षा उपायों को और मजबूत करना है।
इनपुट: IANS



