सोमवार, 2 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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भारत में विमानन नियमों का नया युग: 90 साल पुराने कानून की जगह लेगा 'भारतीय वायुयान नियम, 2026'

भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने लगभग 90 साल पुराने विमान नियमों को बदलकर एक नया और व्यापक कानूनी ढांचा तैयार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…

भारत में विमानन नियमों का नया युग: 90 साल पुराने कानून की जगह लेगा 'भारतीय वायुयान नियम, 2026'
(फोटो: IANS)

भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने लगभग 90 साल पुराने विमान नियमों को बदलकर एक नया और व्यापक कानूनी ढांचा तैयार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 'भारतीय वायुयान नियम, 2026' के नाम से अधिसूचित यह नया ढांचा 1 जनवरी 2027 से मौजूदा विमान नियम, 1937 की जगह ले लेगा।

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इस कदम का उद्देश्य देश के तेजी से बढ़ते विमानन उद्योग को आधुनिक जरूरतों के हिसाब से विनियमित करना है। नए नियमों में विमान के रजिस्ट्रेशन से लेकर यात्रियों के टिकट तक, लगभग हर पहलू को शामिल किया गया है, जिससे पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी।

विमानों की सुरक्षा और रखरखाव पर जोर

नए नियमों के तहत, विमानों के पंजीकरण और उनकी उड़ान योग्यता (एयरवर्थनेस) के प्रमाणन के लिए विस्तृत प्रावधान किए गए हैं। इसमें विमान के डिजाइन, निर्माण के मानक, और मरम्मत से जुड़ी मंजूरियों को भी शामिल किया गया है। सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कड़े मानदंड तय किए हैं कि हर विमान संचालन के लिए पूरी तरह सुरक्षित और उपयुक्त हो। इसके अलावा, एयरलाइंस और विमान संचालकों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे विमानों का नियमित निरीक्षण और रखरखाव कराएं ताकि वे लगातार सुरक्षा मानकों का पालन करते रहें।

कर्मियों के लाइसेंस और एयरलाइन संचालन

विमानन क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों, जैसे पायलट, एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, के लिए भी योग्यता और लाइसेंसिंग के मानक तय किए गए हैं। इसमें उनकी ट्रेनिंग, परीक्षा, अनुभव और मेडिकल फिटनेस से जुड़ी शर्तें शामिल हैं। साथ ही, थकान से होने वाले जोखिमों को कम करने के लिए पायलट और केबिन क्रू के काम करने के घंटों और आराम की अवधि से जुड़े नियम भी स्पष्ट किए गए हैं।

यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?

यात्रियों के लिए सबसे अहम बदलाव टिकट की कीमतों में पारदर्शिता को लेकर है। 2027 से, एयरलाइंस को टिकट की कुल कीमत का पूरा ब्योरा देना होगा। इसमें मूल किराया (बेस फेयर), टैक्स, अन्य शुल्क, टिकट रद्द करने का चार्ज और रिफंड की नीति को साफ-साफ दिखाना अनिवार्य होगा। हालांकि, नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) हवाई किराए की निगरानी करना जारी रखेगा। नए नियमों में हवाई अड्डों के लाइसेंस और उनके बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं।

इनपुट: IANS

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