मंगलवार, 4 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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गोदरेज प्रॉपर्टीज़: मुनाफ़ा और आमदनी तिमाही आधार पर घटे, लेकिन बुकिंग्स में मज़बूती बरकरार

देश की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी गोदरेज प्रॉपर्टीज़ के लिए चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही बिक्री के लिहाज़ से तो मज़बूत रही, लेकिन मुनाफ़े और राजस्व के मोर्चे पर उसे झटका लगा है। समाचार एजेंसी IANS के…

गोदरेज प्रॉपर्टीज़: मुनाफ़ा और आमदनी तिमाही आधार पर घटे, लेकिन बुकिंग्स में मज़बूती बरकरार
(फोटो: IANS)

देश की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी गोदरेज प्रॉपर्टीज़ के लिए चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही बिक्री के लिहाज़ से तो मज़बूत रही, लेकिन मुनाफ़े और राजस्व के मोर्चे पर उसे झटका लगा है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें पिछली तिमाही के मुकाबले मुनाफ़े में 46% और परिचालन से होने वाली आय में 85% की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

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इन नतीजों का असर कंपनी के शेयरों पर भी दिखा, जो मंगलवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कारोबार के दौरान लगभग 4% तक लुढ़ककर 1,992.80 रुपए के स्तर पर आ गए।

मुनाफ़ा और राजस्व में बड़ी गिरावट

आंकड़ों के अनुसार, जून तिमाही में गोदरेज प्रॉपर्टीज़ का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated PAT) 350 करोड़ रुपए रहा। यह मार्च तिमाही में दर्ज किए गए 650 करोड़ रुपए के मुनाफ़े से 46% कम है। वहीं, अगर पिछले साल की इसी अवधि से तुलना करें तो भी मुनाफ़ा 41.7% घटा है, जब यह 600 करोड़ रुपए था।

इसी तरह, परिचालन से राजस्व (Revenue from Operations) घटकर 506 करोड़ रुपए रह गया, जबकि पिछली तिमाही में यह 3,458 करोड़ रुपए के ऊँचे स्तर पर था। हालांकि, सालाना आधार पर राजस्व में 16.5% की बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 435 करोड़ रुपए था।

बिक्री और बुकिंग्स के मज़बूत आँकड़े

कमज़ोर वित्तीय प्रदर्शन के बावजूद, कंपनी ने बिक्री के मोर्चे पर अच्छा प्रदर्शन किया है। यह लगातार छठी तिमाही है जब कंपनी की बुकिंग 7,000 करोड़ रुपए से ज़्यादा रही है।

  • कुल बुकिंग वैल्यू: 8,651 करोड़ रुपए, जो पिछले साल की समान अवधि से 22% अधिक है।
  • बिक्री यूनिट्स: तिमाही के दौरान 3,738 आवासीय इकाइयाँ बेची गईं।
  • कुल बिका क्षेत्रफल: 62 लाख वर्ग फुट (6.2 मिलियन स्क्वायर फीट)।

बुकिंग के मामले में बेंगलुरु 44% हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा बाज़ार रहा। इसके बाद मुंबई महानगर क्षेत्र (21%), राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (18%), पुणे (11%) और हैदराबाद (5%) का स्थान रहा।

विलय और अन्य प्रमुख जानकारी

परिचालन स्तर पर कंपनी का प्रदर्शन दबाव में रहा और उसे 285 करोड़ रुपए का EBITDA घाटा हुआ। इसके अलावा, कंपनी के निदेशक मंडल ने गोदरेज हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लिमिटेड का गोदरेज प्रॉपर्टीज़ लिमिटेड में विलय को भी मंज़ूरी दे दी है। कंपनी का मानना है कि इस कदम से कारोबारी ढाँचे को सरल और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

इनपुट: IANS

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