मंगलवार, 4 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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यूरोप में भीषण गर्मी और सूखा: डेन्यूब नदी के घटते जलस्तर से हंगरी और रोमानिया के परमाणु संयंत्रों पर संकट

दक्षिण-पूर्वी यूरोप में पड़ रही भीषण गर्मी और सूखे के कारण डेन्यूब नदी का जलस्तर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच गया है, जिससे हंगरी और रोमानिया के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का संचालन खतरे में पड़ गया है…

यूरोप में भीषण गर्मी और सूखा: डेन्यूब नदी के घटते जलस्तर से हंगरी और रोमानिया के परमाणु संयंत्रों पर संकट
(फोटो: IANS)

दक्षिण-पूर्वी यूरोप में पड़ रही भीषण गर्मी और सूखे के कारण डेन्यूब नदी का जलस्तर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच गया है, जिससे हंगरी और रोमानिया के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का संचालन खतरे में पड़ गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, हंगरी का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र पाक्स तो मंगलवार तड़के बंद होने की कगार पर पहुँच गया था, लेकिन जलस्तर में मामूली वृद्धि से यह संकट फिलहाल टल गया है।

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हंगरी के प्रधानमंत्री पीटर माज्यार ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार रात लगभग 1:30 बजे पाक्स परमाणु ऊर्जा संयंत्र को पूरी तरह बंद करने का फैसला "महज कुछ मिलीमीटर" दूर था। उन्होंने बताया कि जलस्तर गिरना रुक गया और सुबह तक इसमें करीब 1.5 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई, जिससे संयंत्र की अंतिम टरबाइन सुरक्षित रूप से चलती रही।

कम क्षमता पर उत्पादन और ऊर्जा बचत के उपाय

प्रमुख दैनिक हंगरी टाइम्स के अनुसार, डेन्यूब नदी में पानी की रिकॉर्ड कमी के कारण संयंत्र के रिएक्टरों को ठंडा करने के लिए पर्याप्त जल नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से संयंत्र फिलहाल अपनी सामान्य क्षमता के लगभग 10 प्रतिशत से कुछ अधिक पर ही बिजली का उत्पादन कर रहा है। हंगरी के ऊर्जा मंत्री इश्तवान कपितानी के मुताबिक, सरकार द्वारा लागू ऊर्जा बचत उपायों से बिजली की मांग में कमी आई है, जिससे राष्ट्रीय ग्रिड को सुरक्षित रखने में सहायता मिली है। ऊर्जा बचाने के लिए कंपनियों ने भी कदम उठाए हैं। उदाहरण के लिए, सुपरमार्केट चेन लिडल ने बेकरी की शिफ्ट का समय बदला है, पेय पदार्थों के रेफ्रिजरेटर बंद कर दिए हैं और पार्किंग में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग शाम 5 बजे तक सीमित कर दी है।

पड़ोसी देश रोमानिया में भी यही संकट

डेन्यूब के घटते जलस्तर का असर पड़ोसी देश रोमानिया के परमाणु ऊर्जा उत्पादन पर भी पड़ा है। वहाँ चेरनावोडा परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए पानी का प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए सरकार को नियंत्रित विस्फोट कर नदी का मार्ग मोड़ना पड़ा। रोमानियाई अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से नदी का जलस्तर लगभग दो सेंटीमीटर बढ़ा है, जिससे संयंत्र को कुछ दिनों तक राहत मिलेगी। संयंत्र प्रबंधन जल प्रवाह बढ़ाने के लिए नदी में पुराने बजरों को डुबोने जैसे अन्य उपायों पर भी विचार कर रहा है।

मौसम विभाग ने इस क्षेत्र में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब या उससे ऊपर रहने का अनुमान जताया है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति और जल संसाधनों पर दबाव और बढ़ने की आशंका है।

इनपुट: IANS

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