बुधवार, 8 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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बांग्लादेश बार काउंसिल चुनाव: 16 मानवाधिकार संगठनों ने वकीलों को रोकने पर जताई गहरी चिंता

दुनिया भर के 16 अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों, बार एसोसिएशनों और लॉ सोसाइटीज ने बांग्लादेश में वकीलों को डराने-धमकाने और उन्हें बार एसोसिएशन चुनावों में हिस्सा लेने से रोकने की कड़ी निंदा की है। मं

बांग्लादेश बार काउंसिल चुनाव: 16 मानवाधिकार संगठनों ने वकीलों को रोकने पर जताई गहरी चिंता
(फोटो: IANS)

दुनिया भर के 16 अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों, बार एसोसिएशनों और लॉ सोसाइटीज ने बांग्लादेश में वकीलों को डराने-धमकाने और उन्हें बार एसोसिएशन चुनावों में हिस्सा लेने से रोकने की कड़ी निंदा की है। मंगलवार को जारी एक संयुक्त बयान में इन संगठनों ने आरोप लगाया कि यह बांग्लादेश की कानूनी बिरादरी की स्वतंत्रता और देश के लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर एक सुनियोजित हमला है।

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इन संगठनों ने समाचार एजेंसी IANS के हवाले से बताया कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी से कथित तौर पर असहमति रखने वाले वकीलों को निशाना बनाया जा रहा है। आरोपों के मुताबिक, अवामी लीग समर्थक या स्वतंत्र विचारों वाले वकीलों को विभिन्न बार एसोसिएशनों के चुनावों में उम्मीदवार बनने से रोका जा रहा है। यह स्थिति तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी सरकार के गठन के बाद से बनी हुई है।

चुनाव प्रक्रिया और अस्थायी समिति पर गंभीर सवाल

संगठनों ने 30 जून को बांग्लादेश बार काउंसिल के संचालन के लिए सरकार द्वारा गठित 15 सदस्यीय अस्थायी (एड हॉक) समिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका आरोप है कि इस समिति में केवल बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी समर्थित वकीलों को ही जगह दी गई है। यह समिति 1 जुलाई, 2026 से 30 जून, 2027 तक के लिए कानूनी पेशे को नियंत्रित करने वाली संस्था का कामकाज देखेगी।

संयुक्त बयान में कहा गया, "यह फैसला पेशेवर संस्थाओं के लोकतांत्रिक सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है और कानूनी पेशे की स्वतंत्रता तथा प्रतिनिधित्व की भावना को कमजोर करता है।" संगठनों का मानना है कि यह केवल एक "प्रशासनिक अनियमितता या राजनीतिक विवाद" नहीं, बल्कि कानून के शासन और संगठन बनाने की स्वतंत्रता जैसे संवैधानिक मूल्यों पर हमला है।

300 से ज़्यादा वकीलों को चुनाव लड़ने से रोका गया

पेरिस स्थित मानवाधिकार संगठन 'जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश इन फ्रांस' (जेएमबीएफ) और अन्य मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए यह दावा किया गया है कि देश की लगभग 23 बार एसोसिएशनों में 300 से अधिक वकीलों को चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया गया है। प्रभावित होने वाली बार एसोसिएशनों में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अलावा ढाका, चटगांव, राजशाही, खुलना, गाजीपुर, बारीसाल, कुमिल्ला और तंगाइल जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की अपील

इन 16 संगठनों ने बांग्लादेश सरकार, कानूनी समुदाय और अंतरराष्ट्रीय जगत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में बार काउंसिल की अस्थायी समिति बनाने के आदेश को तुरंत रद्द करना और भेदभावपूर्ण चुनाव प्रक्रियाओं से बनी समितियों को भंग करना शामिल है। उन्होंने यह भी मांग की कि सभी "गैरकानूनी रूप से रद्द की गई उम्मीदवारी" को बहाल किया जाए और हर योग्य वकील को बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के चुनाव में भाग लेने का समान अधिकार दिया जाए।

इनपुट: IANS

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