मंगलवार, 22 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
टेक्नोलॉजी

AI की तूफानी मांग: चिप बाज़ार अब 2026 तक $1.6 ट्रिलियन का होगा, अनुमान से डेढ़ गुना ज़्यादा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रहे भारी निवेश ने सेमीकंडक्टर यानी चिप बाज़ार के भविष्य को लेकर सारे अनुमान बदल दिए हैं। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, अब उम्मीद है कि वैश्विक चिप बाज़ार…

AI की तूफानी मांग: चिप बाज़ार अब 2026 तक $1.6 ट्रिलियन का होगा, अनुमान से डेढ़ गुना ज़्यादा
(फोटो: IANS)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रहे भारी निवेश ने सेमीकंडक्टर यानी चिप बाज़ार के भविष्य को लेकर सारे अनुमान बदल दिए हैं। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, अब उम्मीद है कि वैश्विक चिप बाज़ार 2026 तक 1.6 ट्रिलियन डॉलर के विशाल आंकड़े को पार कर जाएगा। यह इसी साल की शुरुआत में लगाए गए अनुमान से डेढ़ गुना से भी ज़्यादा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह तेज़ी अमेरिकी और चीनी हाइपरस्केलर कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर्स में किए जा रहे निवेश का सीधा नतीजा है।

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पहले माना जा रहा था कि वैश्विक सेमीकंडक्टर बाज़ार को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचने में 2030 तक का समय लगेगा। लेकिन AI से जुड़ी ज़रूरतों ने इस रफ़्तार को अप्रत्याशित रूप से बढ़ा दिया है। कोरिया एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक के रिसर्च सेंटर ने ट्रेंडफोर्स जैसी वैश्विक बाज़ार अनुसंधान फर्मों के विश्लेषण के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है।

मेमोरी चिप्स का दबदबा

इस अभूतपूर्व वृद्धि का सबसे ज़्यादा फायदा मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनियों को मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स जैसी दक्षिण कोरियाई कंपनियाँ, जो मेमोरी चिप्स की दुनिया में अग्रणी हैं, कुल सेमीकंडक्टर बाज़ार के आधे से ज़्यादा हिस्से पर कब्ज़ा कर सकती हैं। इसकी वजह यह है कि AI सिस्टम को भारी मात्रा में डेटा प्रोसेस करने के लिए इन चिप्स की ज़रूरत पड़ती है।

बढ़ती मांग का असर कीमतों पर भी साफ़ दिख रहा है। पिछले महीने के अंत तक, डायनेमिक रैंडम एक्सेस मेमोरी (DRAM) की कीमतें 25 डॉलर और NAND फ्लैश मेमोरी चिप्स की 30.5 डॉलर तक पहुँच गईं। यह एक साल पहले की तुलना में क्रमशः 4.4 गुना और 9 गुना की भारी बढ़ोतरी है।

भविष्य की राह

रिपोर्ट का अनुमान है कि अगले साल से मेमोरी चिप्स की कीमतों में स्थिरता आ सकती है, लेकिन मज़बूत मांग के चलते बाज़ार का विकास जारी रहेगा। ताज़ा अनुमानों के मुताबिक, यह बाज़ार 2030 तक लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि "बड़ी टेक कंपनियाँ सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स जैसी मेमोरी चिप निर्माता कंपनियों के साथ दीर्घकालिक आपूर्ति समझौते कर रही हैं। इससे पहले की तुलना में सेमीकंडक्टर उद्योग को स्थिर करने में मदद मिलेगी।"

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब AI उद्योग के कुछ विशेषज्ञ तकनीक पर नियंत्रण खोने की चिंताओं के चलते इसके विकास की रफ़्तार धीमी करने की मांग कर रहे हैं।

इनपुट: IANS

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