सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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यूक्रेन शांति वार्ता को बचाने के लिए ट्रंप ने रूस पर नए कड़े प्रतिबंधों को रोका, फैसले का किया बचाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर नए आर्थिक प्रतिबंध और टैरिफ लगाने के एक कड़े कानून के कई अहम प्रावधानों को फिलहाल लागू नहीं करने के अपने फैसले का बचाव किया है। उन्होंने साफ किया है कि यह…

यूक्रेन शांति वार्ता को बचाने के लिए ट्रंप ने रूस पर नए कड़े प्रतिबंधों को रोका, फैसले का किया बचाव
(फोटो: IANS)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर नए आर्थिक प्रतिबंध और टैरिफ लगाने के एक कड़े कानून के कई अहम प्रावधानों को फिलहाल लागू नहीं करने के अपने फैसले का बचाव किया है। उन्होंने साफ किया है कि यह कदम यूक्रेन में युद्ध खत्म करने के लिए चल रही शांति वार्ता को बचाने के लिए उठाया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप का मानना है कि इस नाजुक मोड़ पर रूस पर और अधिक आर्थिक दबाव डालने से वह बातचीत की मेज छोड़ सकता है।

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ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "मैं रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति स्थापित करने के लिए बातचीत कर रहा हूं और ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहता जो रूस को बेवजह बातचीत से दूर कर दे।" उनका यह बयान उस कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के दो दिन बाद आया है, जिसने नए प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से रोक दिया है।

कानून के प्रावधान और भारत पर असर

जिस कानून के प्रावधानों को रोका गया है, उसका नाम 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शिनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' है और इस पर 18 सितंबर को हस्ताक्षर हुए थे। इसमें रूसी सामानों पर 500% तक टैरिफ लगाने और रूस से कच्चा तेल व प्राकृतिक गैस खरीदने वाले पांच सबसे बड़े आयातक देशों के सामान पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान था। भारत भी रूस से तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों में शामिल है, इसलिए इस कानून का असर उस पर भी पड़ सकता था। फिलहाल मिली छूट का मतलब है कि भारत पर ऐसे नए शुल्क अभी नहीं लगेंगे।

सरकार का तर्क और आगे की राह

ट्रंप ने अपने फैसले को ईरान और वैश्विक ऊर्जा बाजार से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि रूस अभी ईरान की उतनी मदद नहीं कर रहा है, जितनी वह कर सकता है, और वह इस स्थिति को बनाए रखना चाहते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी शनिवार को कहा कि सरकार को इन प्रतिबंधों के व्यापक आर्थिक असर का आकलन करने के लिए समय चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से भारत का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासन अगले 60 दिनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था और अमेरिका पर इसके प्रभावों की समीक्षा करेगा, जिसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।

हालांकि, यह जानना महत्वपूर्ण है कि इस छूट से रूस पर पहले से लगे अमेरिकी प्रतिबंध खत्म नहीं हुए हैं; वे पहले की तरह ही लागू रहेंगे। ट्रंप ने यूक्रेन द्वारा रूसी डीजल रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों की भी आलोचना की और कहा कि इससे वैश्विक ईंधन आपूर्ति प्रभावित होती है।

फैसले की आलोचना और मतभेद

राष्ट्रपति ट्रंप के इस कदम की रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक, दोनों पार्टियों के कुछ सांसदों ने आलोचना की है। उनका मानना है कि प्रतिबंधों को रोकने से रूस पर अमेरिकी दबाव कमजोर पड़ सकता है। वहीं, व्हाइट हाउस ने इस फैसले को शांति समझौते की दिशा में चल रहे प्रयासों के अनुरूप बताया है। यह घटनाक्रम युद्ध की रणनीति और इसके आर्थिक प्रभावों को लेकर ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच मौजूद मतभेदों को भी उजागर करता है।

इनपुट: IANS

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