भोजपुर: दिल्ली से गांव आकर चला रहे थे साइबर ठगी का अड्डा, पुलिस ने 9 लोगों को दबोचा
बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो दिल्ली से अपना नेटवर्क संचालित कर रहा था। यह गिरोह कुछ ही दिन पहले भोजपुर के एक गांव में अपना अड्डा बनाकर…
बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो दिल्ली से अपना नेटवर्क संचालित कर रहा था। यह गिरोह कुछ ही दिन पहले भोजपुर के एक गांव में अपना अड्डा बनाकर लोगों को क्रेडिट कार्ड प्रोटेक्शन और इंश्योरेंस के नाम पर ठग रहा था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने छापेमारी कर इस गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
साइबर डीएसपी रौशन कुमार ने रविवार को एक प्रेस वार्ता में इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस को सिकरहटा थाना क्षेत्र के चकिया गांव में कुछ लोगों द्वारा लैपटॉप और मोबाइल के जरिए संदिग्ध गतिविधियां चलाने की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जब गांव के एक मकान में छापा मारा, तो वहां से नौ लोगों को पकड़ा गया।
ऐसे करते थे लोगों से ठगी
जांच में पता चला कि यह गिरोह जस्टडायल जैसे प्लेटफॉर्म से लोगों के मोबाइल नंबर और डेटा हासिल करता था। इसके बाद, इंटरनेट कॉलिंग सॉफ्टवेयर 'एक्स-लाइट' का इस्तेमाल कर लोगों को फोन किया जाता था, ताकि उनकी पहचान छिपी रहे और नंबर ट्रेस न हो सके। ये ठग लोगों को क्रेडिट कार्ड पर बीमा या प्रोटेक्शन प्लान देने का झांसा देकर उनसे 2,499 से 2,500 रुपए का भुगतान करने के लिए कहते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति तैयार होता, वे किसी तरह उसका ओटीपी हासिल कर लेते और रकम अपने डिजिटल वॉलेट में ट्रांसफर कर लेते थे।
तकनीक का करते थे पूरा इस्तेमाल
आरोपियों के पास से 27 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, 34 सिम कार्ड, 11 डेबिट कार्ड और 22 हजार रुपए नकद बरामद हुए हैं। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य जून 2026 से दिल्ली के प्रेमनगर इलाके से ठगी कर रहे थे और करीब 10-15 दिन पहले ही भोजपुर के चकिया गांव पहुंचे थे। गिरोह का एक सदस्य एथिकल हैकिंग का जानकार है, जो तकनीकी सहायता देता था। ग्राहकों का डेटा ये लोग व्हाट्सएप पर 24 घंटे के टाइमर वाले संदेशों के जरिए साझा करते थे, ताकि सबूत अपने आप मिट जाएं। गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के अलग-अलग जिलों के अलावा पश्चिम बंगाल का भी एक व्यक्ति शामिल है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कुल कितने लोगों को और कितनी रकम का चूना लगाया है।
इनपुट: IANS



