उज्जैन: महाकाल मंदिर के पास होटल में मिला गाजियाबाद के श्रद्धालु का शव, दोस्त पर हत्या का शक
मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास स्थित एक होटल में गाजियाबाद के एक व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को इस मामले में हत्या का संदेह…
मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास स्थित एक होटल में गाजियाबाद के एक व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को इस मामले में हत्या का संदेह है और मृतक के दोस्त की तलाश की जा रही है, जो घटना के बाद से गायब है। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित न्यू कोटगांव निवासी 38 वर्षीय मुकेश कुमार के रूप में हुई है।
यह पूरा मामला शुक्रवार सुबह तब सामने आया जब नालिया बखल इलाके में स्थित 'होटल टेम्पल व्यू' के एक कमरे से तेज दुर्गंध आने लगी। होटल प्रबंधन की सूचना पर महाकाल पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खोलने पर अंदर मुकेश कुमार का शव सड़ी-गली अवस्था में पाया। शव से इतनी तेज बदबू आ रही थी कि कर्मचारियों को कमरे में स्प्रे करना पड़ा।
संदिग्ध परिस्थितियों में दोस्त फरार
पुलिस जांच में पता चला है कि मुकेश कुमार 1 सितंबर को अपने दोस्त विनीत गोयल के साथ महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आए थे। दोनों इसी होटल में रुके थे, जो महाकाल लोक कॉरिडोर के नीलकंठ गेट के ठीक सामने है। होटल कर्मचारियों ने बताया कि दोनों को अक्सर शराब के नशे में आते-जाते देखा गया था।
पुलिस के मुताबिक, सबसे संदिग्ध बात यह है कि विनीत गोयल ने 3 सितंबर को होटल का पूरा बिल चुकाया और किसी को बिना बताए वहां से चला गया। उसके जाने के एक दिन बाद मुकेश का शव बरामद हुआ। महाकाल पुलिस स्टेशन के एसएचओ गगन बादल ने कहा, "विनीत का इस तरह बिल चुकाकर चले जाना संदिग्ध हालात पैदा करता है। उसकी तलाश के लिए टीमें भेजी गई हैं।"
हत्या के एंगल से जांच जारी
पुलिस ने हत्या की आशंका जताते हुए जांच शुरू कर दी है। एसएचओ गगन बादल ने बताया कि मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन सभी संभावित पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है।
फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस होटल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उन दो दिनों में कमरे में कोई और तो नहीं आया था। जांचकर्ता 1 सितंबर को दोनों के उज्जैन आने से लेकर 3 सितंबर को विनीत के जाने तक की पूरी घटना की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
इनपुट: IANS



