शनिवार, 4 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते के बाद फ्रांस ने होर्मुज जलडमरूमध्य से अपना विमानवाहक पोत वापस बुलाया

अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया परमाणु समझौते के बाद फ्रांस ने एक अहम कदम उठाते हुए मध्य पूर्व से अपने विमानवाहक पोत चार्ल्स डी गॉल को वापस बुलाने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के

अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते के बाद फ्रांस ने होर्मुज जलडमरूमध्य से अपना विमानवाहक पोत वापस बुलाया
(फोटो: IANS)

अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया परमाणु समझौते के बाद फ्रांस ने एक अहम कदम उठाते हुए मध्य पूर्व से अपने विमानवाहक पोत चार्ल्स डी गॉल को वापस बुलाने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस फैसले की जानकारी दी। यह पोत अब अपने घरेलू बंदरगाह टूलॉन लौट रहा है।

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राष्ट्रपति मैक्रों ने अपने पोस्ट में बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) से क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इसी प्रगति को देखते हुए फ्रांस ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी में बदलाव करने का निर्णय लिया है।

समुद्री सुरक्षा मिशन और फ्रांस की भूमिका

विमानवाहक पोत चार्ल्स डी गॉल को इस क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक प्रस्तावित बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा मिशन की तैयारी के लिए भेजा गया था। इस मिशन का नेतृत्व फ्रांस और ब्रिटेन मिलकर करने वाले थे। फ्रांस ने मई महीने में इस अभियान की तैयारी के लिए पोत को मध्य पूर्व भेजा था। फ्रांसीसी मीडिया के मुताबिक, राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया है कि पोत फिलहाल भूमध्य सागर में है।

हालांकि, मैक्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि विमानवाहक पोत की वापसी के बावजूद, बारूदी सुरंग हटाने वाले फ्रांसीसी संसाधन और उनके सुरक्षा बेड़े क्षेत्र में तैनात रहेंगे। ये बल जरूरत पड़ने पर सहयोगी देशों के साथ मिलकर अभियान चलाने के लिए तैयार होंगे।

अमेरिका-ईरान समझौते पर ट्रंप का बयान

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर चल रही बातचीत में उन लगभग सभी शर्तों पर सहमत हो गया है जिनकी अमेरिका को जरूरत थी। सीएनबीसी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने दोहराया कि ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

ट्रंप ने कहा, "बातचीत जारी है और आगे क्या होता है, यह देखा जाएगा। लेकिन मेरा मानना है कि वे हमारी लगभग सभी प्रमुख शर्तों पर सहमत हो चुके हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य ईरान के खिलाफ पारंपरिक सैन्य अभियान चलाना नहीं, बल्कि उसके परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करना है। तेहरान में सत्ता परिवर्तन की बात से इनकार करते हुए उन्होंने कहा, "मैं शासन बदलना नहीं चाहता। मेरी सिर्फ एक ही मांग है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।"

इनपुट: IANS

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News4Social वायर डेस्क

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