बंगाल: BJP कार्यकर्ता बापी प्रमाणिक की हत्या, निलंबित पार्टी नेता समेत चार लोग गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मृतकों में एक निलंबित भाजपा नेता भी शामिल है, जिस पर पीड़ित परिवार ने हत्या…
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मृतकों में एक निलंबित भाजपा नेता भी शामिल है, जिस पर पीड़ित परिवार ने हत्या की मुख्य साजिश रचने का आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह घटना रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को बारुईपुर में हुई थी।
मृतक की पहचान बापी प्रमाणिक के रूप में हुई है। उनके परिवार वालों ने बताया कि रविवार रात उन्हें एक फोन आया और घर से बाहर बुलाया गया। जैसे ही वह बाहर निकले, उन पर धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई। परिवार ने इस हत्या के पीछे सुजान मंडल को मुख्य साजिशकर्ता बताया है और दावा किया है कि हमले के वक्त वह घटनास्थल पर मौजूद था।
निलंबित नेता समेत चार गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में सुजान मंडल, कृष्णा मंडल, कनक मंडल और अनिल नाइया को गिरफ्तार किया है। सुजान मंडल भाजपा के पूर्व स्थानीय नेता थे, जिन्हें हाल ही में पार्टी विरोधी और अनैतिक गतिविधियों के चलते पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। भाजपा के जिला नेताओं ने भी सुजान के निलंबन की पुष्टि की है।
बारुईपुर पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी। जांच के दौरान पहले कृष्णा मंडल, कनक मंडल और अनिल नाइया को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उनसे मिली जानकारी के आधार पर बाद में इन तीनों के साथ सुजान मंडल को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
हत्या की वजह पुरानी रंजिश
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में हत्या की वजह एक स्थानीय संगठन के दो गुटों के बीच की पुरानी दुश्मनी लग रही है। बारुईपुर पुलिस जिले के एक अधिकारी ने बताया, "अब बापी की हत्या के पीछे के सटीक कारणों और इस अपराध में हर आरोपी की भूमिका की जांच की जा रही है।"
वहीं, भाजपा नेताओं का आरोप है कि प्रमाणिक की हत्या तृणमूल कांग्रेस से जुड़े बदमाशों ने की है। उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा से जुड़े होने के कारण प्रमाणिक को पिछली तृणमूल सरकार के दौरान लगभग 10 साल तक अपना घर छोड़कर बाहर रहना पड़ा था और वह इसी साल विधानसभा चुनाव के बाद घर लौटे थे।
इनपुट: IANS



