कोलकाता: 70 लाख की उगाही के आरोप में गिरफ्तार पूर्व TMC पार्षद शम्स इकबाल को घंटों में मिली जमानत, शिकायतकर्ता ने वापस लिया केस
कोलकाता के गार्डन रीच इलाके में एक कारोबारी से करीब 70 लाख रुपए की जबरन वसूली का आरोप — और फिर महज कुछ घंटों में मामले का 'समझौते' के जरिए सुलटना। यही कहानी है तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद शम्स इकब
कोलकाता के गार्डन रीच इलाके में एक कारोबारी से करीब 70 लाख रुपए की जबरन वसूली का आरोप — और फिर महज कुछ घंटों में मामले का 'समझौते' के जरिए सुलटना। यही कहानी है तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद शम्स इकबाल की, जिन्हें सोमवार को गिरफ्तार किया गया और उसी दिन जमानत भी मिल गई।
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता नगर निगम (KMC) के वार्ड नंबर 134 से TMC पार्षद रहे शम्स इकबाल को गार्डन रीच थाने की पुलिस ने सोमवार की सुबह हिरासत में लिया। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं — जिनमें गैर-जमानती धाराएं भी शामिल थीं — और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। लेकिन शिकायतकर्ता मोहम्मद शादाब द्वारा केस वापस लेने के बाद अदालत ने उन्हें 1,000 रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। पुलिस ने पुष्टि की कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था।
क्या था आरोप?
शिकायत के अनुसार, जून 2023 से शम्स इकबाल और उनके सहयोगियों ने गार्डन रीच में कारोबार करने वाले मोहम्मद शादाब से "बिना बाधा के धंधा करने देने" के नाम पर पैसे वसूलने शुरू किए। शिकायत में कहा गया है कि कुल 70 लाख रुपए ऐंठे गए और पैसे न देने पर उन्हें व उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। डर के कारण शादाब लंबे समय तक पुलिस के पास नहीं जा सके। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि बाद में बंदूक दिखाकर भी कई बार पैसे वसूले गए।
इस मामले में शम्स इकबाल के अलावा मोहम्मद फराज, फिरोज कुरैशी और कुछ अन्य करीबियों को भी आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि इन सभी का इलाके में खासा दबदबा था।
फिरहाद हकीम के करीबी, आलीशान जीवनशैली से चर्चित
शम्स इकबाल को पूर्व मेयर और पूर्व मंत्री फिरहाद हकीम का करीबी माना जाता है। कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में वे हकीम के साथ मंच पर नजर आ चुके हैं। इसके अलावा, वे अपनी आलीशान जीवनशैली को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं — सोशल मीडिया पर विदेश यात्राओं और मशहूर हस्तियों के साथ तस्वीरें, और एक बार करोड़ों की लग्जरी कार से KMC मुख्यालय पहुंचना — इन सबने उन्हें खूब चर्चा में रखा।
TMC की हार के बाद शिकायतों का सिलसिला
राज्य विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के कई पार्षदों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर पर जबरन वसूली, छेड़छाड़ और धमकी देने के आरोप हैं। यह भी कहा जा रहा है कि TMC के लंबे शासनकाल के दौरान जो लोग शिकायत करने से डरते थे, वे अब सामने आ रहे हैं।
फिलहाल, समझौते के बाद शम्स इकबाल को जमानत मिल चुकी है — लेकिन यह देखना बाकी है कि उनके खिलाफ दर्ज आरोप आगे भी कायम रहते हैं या नहीं।
इनपुट: IANS



