शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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नरेगल सांप्रदायिक हिंसा: पूर्व CM बोम्मई ने SIT जांच और हावेरी SP पर कार्रवाई की मांग की

कर्नाटक के हावेरी जिले में हुई सांप्रदायिक हिंसा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जिले के हंगल तालुक स्थित नरेगल गांव

नरेगल सांप्रदायिक हिंसा: पूर्व CM बोम्मई ने SIT जांच और हावेरी SP पर कार्रवाई की मांग की
(फोटो: IANS)

कर्नाटक के हावेरी जिले में हुई सांप्रदायिक हिंसा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जिले के हंगल तालुक स्थित नरेगल गांव की घटना की विशेष जांच दल (SIT) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बोम्मई ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए हावेरी के पुलिस अधीक्षक (SP) के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है।

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हावेरी लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले बोम्मई ने आरोप लगाया कि जिले में सांप्रदायिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और पुलिस इन्हें रोकने में विफल रही है। उन्होंने कहा, "पिछले एक वर्ष में जिले में यह सातवीं या आठवीं सांप्रदायिक घटना है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि नरेगल गांव में पिछले तीन दशकों से सांप्रदायिक तनाव का इतिहास रहा है।

पुलिस पर लापरवाही और तुष्टिकरण का आरोप

बसवराज बोम्मई ने हिंसा के लिए सीधे तौर पर स्थानीय पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों की है, वही इसके बिगड़ने के लिए जिम्मेदार बन गए हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि हंगल के सर्किल पुलिस इंस्पेक्टर (CPI) और सब-इंस्पेक्टर (SI) की लापरवाही के कारण हालात बिगड़े और उन्हें तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि एसपी ने इस घटना को "व्यक्तिगत विवाद" बताया। उन्होंने सवाल किया, "यदि यह निजी विवाद था तो क्या दोनों पक्षों के बीच जमीन या किसी अन्य निजी मामले को लेकर विवाद था?" बोम्मई के मुताबिक, पुलिस घटना की गंभीरता को कम करके और सच्चाई को छिपाकर तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है।

न्याय के लिए SIT जांच जरूरी

बोम्मई ने कहा कि उन्हें जिला पुलिस से न्याय की कोई उम्मीद नहीं है, इसलिए एक एसआईटी का गठन आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अक्सर दोनों पक्षों के 20-20 लोगों पर मामला दर्ज कर सिर्फ औपचारिकता पूरी करती है, जिससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाता। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर हिंसा करने वालों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह इस मामले को मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और डीजीपी के समक्ष उठाएंगे।

अपनी सरकार के कार्यकाल को याद करते हुए बोम्मई ने बताया कि उन्होंने इस पुराने विवाद के स्थायी समाधान के लिए मस्जिद को अतिरिक्त भूमि आवंटित की थी और श्रद्धालुओं के लिए एक अलग रास्ता भी बनवाया था। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उन फैसलों को ठीक से लागू नहीं किया, जिससे तनाव बना रहा।

इनपुट: IANS

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