भारत-म्यांमार सीमा पर आतंकी ट्रेनिंग: NIA की जाँच में 6 विदेशियों की न्यायिक हिरासत बढ़ी
म्यांमार में विद्रोही समूहों को हथियार और ड्रोन प्रशिक्षण देने के आरोपों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जाँच का सामना कर रहे छह विदेशी नागरिकों की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई है। समाचार एजेंसी IANS
म्यांमार में विद्रोही समूहों को हथियार और ड्रोन प्रशिक्षण देने के आरोपों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जाँच का सामना कर रहे छह विदेशी नागरिकों की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को इन आरोपियों की हिरासत 1 अगस्त तक बढ़ाने का आदेश दिया। इन छह आरोपियों में पाँच यूक्रेन के और एक अमेरिका का नागरिक है।
पटियाला हाउस स्थित एनआईए अदालत में इन सभी को उनकी पिछली हिरासत की अवधि समाप्त होने पर पेश किया गया था, जिसके बाद अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत 29 दिनों के लिए बढ़ा दी। इसी मामले में गिरफ्तार एक अन्य यूक्रेनी नागरिक को शनिवार को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है।
जाँच और आरोप
एनआईए के अनुसार, ये सभी सात आरोपी एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो भारत-म्यांमार सीमा पर सक्रिय विद्रोही गुटों को मदद पहुँचा रहा था। जाँचकर्ताओं का आरोप है कि ये लोग पर्यटक वीज़ा पर भारत आए थे और म्यांमार में अवैध रूप से घुसने से पहले उन्होंने पूर्वोत्तर के इलाकों का दौरा किया था। इनकी गिरफ्तारियाँ दिल्ली, लखनऊ और कोलकाता समेत देश के कई हिस्सों से की गई थीं।
आरोप यह भी है कि इन्होंने प्रशिक्षण मॉड्यूल के लिए यूरोप से ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग उपकरण खरीदने और उन्हें पहुँचाने में भी सहायता की थी। सुनवाई के दौरान, छह आरोपियों ने एनआईए द्वारा चल रही जाँच के तहत अपने वॉयस सैंपल (आवाज के नमूने) देने पर सहमति जताई।
मामले में शामिल विदेशी नागरिक
इस मामले में गिरफ्तार सात आरोपियों में अमेरिकी नागरिक वैनडाइक के अलावा छह यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। यूक्रेनी नागरिकों के नाम पेट्रो हुबरा, तारास स्लिवियाक, इवान सुकमानोव्स्की, मारियन स्टेफनकीव, मैक्सिम होनचारुक और विक्टर कामिंस्की हैं। एनआईए इस व्यापक नेटवर्क में शामिल स्थानीय मध्यस्थों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों का पता लगाने के लिए अपनी जाँच जारी रखे हुए है। इससे पहले, सुरक्षा कारणों से अदालत ने इस मामले की भविष्य की सुनवाई एनआईए मुख्यालय में ही करने के निर्देश दिए थे।
इनपुट: IANS



