फ्लाईदुबई विमान अपहरण की कोशिश: हमलावर को-पायलट को छोड़ने पर यात्रियों और क्रू के बीच तीखी बहस
संयुक्त अरब अमीरात से इज़रायल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में एक नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला, जब यात्रियों ने हमलावर को-पायलट को काबू करने के बाद उसे केबिन क्रू को सौंपने से इनकार कर दिया। समाचार…
संयुक्त अरब अमीरात से इज़रायल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में एक नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला, जब यात्रियों ने हमलावर को-पायलट को काबू करने के बाद उसे केबिन क्रू को सौंपने से इनकार कर दिया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यात्रियों और क्रू सदस्यों के बीच इस बात पर तीखी बहस हुई कि हमलावर को विमान के लैंड होने तक किसकी निगरानी में रखा जाएगा।
यात्रियों को संदेह था कि क्रू के कुछ सदस्य भी इस हमले की साजिश में शामिल हो सकते हैं, इसलिए उन्होंने ओमानी नागरिक हमाम अल-हमामी को छोड़ने से मना कर दिया। घटना के दौरान यात्रियों ने क्रू मेंबर्स को विमान के बीच के हिस्से में जाकर बैठने का निर्देश दिया और हालात पर अपना नियंत्रण बनाए रखा।
यात्रियों और क्रू मेंबर्स के बीच टकराव
न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, जब केबिन क्रू ने यात्रियों से अपनी सीटों पर लौटने और कॉकपिट के पास का क्षेत्र खाली करने को कहा, तो यात्रियों ने उनकी मांग ठुकरा दी। इस घटना में शामिल एक यात्री, बैंकिंग एग्जीक्यूटिव ज़्विका मानेस ने बताया, "वे हमसे आतंकवादी को खोलने के लिए कह रहे थे, हमें पता नहीं था कि क्यों?" उन्होंने आगे कहा, "हमने उनसे कहा, 'अब हालात हमारे कंट्रोल में हैं और आपको वही करना होगा जो हम कहेंगे।'"
एक अन्य यात्री डैनियल श्लिच्टर ने भी क्रू के साथ तनावपूर्ण बातचीत की पुष्टि की। उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट से कहा, "वे हमलावर को छोड़ने के लिए कह रहे थे। हमें तुरंत उन पर शक होने लगा।" यात्रियों ने स्पष्ट कर दिया कि वे हमलावर को स्थानीय पुलिस के आने तक किसी भी हालत में नहीं छोड़ेंगे।
कैसे बची फ्लाइट FZ1073
यह संकट तब टल गया जब भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने कुल्हाड़ी से हुए हमले के बावजूद किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया और यात्रियों को खतरे के बारे में सूचित किया। उनकी चीख सुनकर चार इजरायली यात्री और दो ऑफ-रोस्टर पायलट तुरंत मदद के लिए आगे आए। उन्होंने मिलकर को-पायलट हमाम अल-हमामी पर काबू पाया और विमान को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचा लिया। यात्रियों ने ईयरफोन के तार से उसके हाथ पीठ के पीछे बांध दिए।
I24News द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में अल-हमामी को घुटनों के बल बैठे और उसके कपड़ों पर खून के धब्बे देखे जा सकते हैं। यात्री बार-बार "सिर्फ पुलिस" कहते हुए सुने गए, जिससे साफ था कि वे उसे कोई नुकसान पहुँचाने के बजाय अधिकारियों को सौंपना चाहते थे। यात्रियों ने उसे ऑक्सीजन मास्क भी दिया ताकि उससे पूछताछ की जा सके। श्लिचर ने कहा, "हम चाहते थे कि वह जिंदा रहे, ताकि उससे पूछताछ की जा सके।"
घायल कैप्टन को मिली फर्स्ट एड
को-पायलट के हमले में कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। फ्लाइट में मौजूद एकमात्र डॉक्टर, डेंटिस्ट शोटा मुसाएव ने उन्हें तत्काल फर्स्ट एड मुहैया कराई। सीएनएन से बातचीत में मुसाएव ने बताया कि कैप्टन को काफी गंभीर चोटें आई थीं और उनके शरीर पर कई जगह कट के निशान थे। यात्रियों के साहसिक हस्तक्षेप के बाद विमान को एक छोटे एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
इनपुट: IANS



