केन्या: भारी बारिश के बाद सोने की खदान धंसी, 5 की मौत, बचाव कार्य में उपकरण बने बाधा
दक्षिण-पश्चिमी केन्या के नारोक काउंटी में एक सोने की खदान में हुए दर्दनाक हादसे में कम से कम पांच खनिकों की जान चली गई है। अधिकारियों ने मौतों की पुष्टि करते हुए बताया कि कई अन्य लोगों के अब भी मलबे…
दक्षिण-पश्चिमी केन्या के नारोक काउंटी में एक सोने की खदान में हुए दर्दनाक हादसे में कम से कम पांच खनिकों की जान चली गई है। अधिकारियों ने मौतों की पुष्टि करते हुए बताया कि कई अन्य लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा भारी बारिश के कारण हुआ, जिससे खदान की सुरंग ढह गई।
यह घटना किलिमापेसा इलाके में हुई, जो नारोक शहर से लगभग 180 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। यह क्षेत्र केन्या की सबसे बड़ी व्यावसायिक सोने की खदानों में से एक है। हादसे के बाद से ही राहत और बचाव का काम जारी है, लेकिन इसमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
धीमी गति से चल रहा बचाव कार्य
नारोक काउंटी के पुलिस कमांडर पैट्रिक लोबोलिया ने बचाव अभियान की धीमी गति की जानकारी दी। उन्होंने सिन्हुआ समाचार एजेंसी को फोन पर बताया, "बचाव दल मौके पर मौजूद हैं और उन लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जिनके अभी भी अंदर फंसे होने की संभावना है।" लोबोलिया ने यह भी स्वीकार किया कि विशेष भूमिगत खोज उपकरणों और कैमरों की कमी के कारण बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भेज दिया गया है।
खनन क्षेत्र में सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा केन्या के सोना खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर चल रही चिंताओं को और गहरा करता है। पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में खदानों में हुए हादसों में कई लोगों की मौत हो चुकी है। इन लगातार हो रही दुर्घटनाओं के कारण, स्थानीय लोगों और खनन से जुड़े संगठनों ने सरकार से सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने और बेहतर मानकों की मांग की है। केन्या में हजारों छोटे स्तर के खनिकों के लिए सोने का खनन आजीविका का एक प्रमुख स्रोत है, लेकिन कई जगहों पर अनियमित और असुरक्षित खनन के कारण अक्सर ऐसे जानलेवा हादसे होते रहते हैं।
इनपुट: IANS



