मणिपुर: करोड़ों की ड्रग्स के साथ 5 तस्कर गिरफ़्तार, म्यांमार से जुड़े तस्करी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने नशीले पदार्थों के खिलाफ़ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग अभियानों में करोड़ों रुपये की ड्रग्स ज़ब्त की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इन छापों में एक मुख्य…
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने नशीले पदार्थों के खिलाफ़ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग अभियानों में करोड़ों रुपये की ड्रग्स ज़ब्त की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इन छापों में एक मुख्य सप्लायर और एक महिला समेत कुल पाँच लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि ज़ब्त किए गए नशीले पदार्थों में बड़ी मात्रा में ब्राउन शुगर और अफ़ीम शामिल है, जिनके तार पड़ोसी देश म्यांमार से जुड़ रहे हैं।
अलग-अलग ज़िलों में तीन बड़ी कार्रवाइयां
एक अहम ऑपरेशन में मणिपुर पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की संयुक्त टीम ने चुराचांदपुर ज़िले के एक होटल से नेंगजतुआन उर्फ तुआनपी को धर दबोचा। अधिकारियों के मुताबिक, तुआनपी एक बड़ा ड्रग सप्लायर है और उस पर NCB, राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और मणिपुर पुलिस द्वारा नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत कई मामले दर्ज हैं।
एक अन्य अभियान इंफाल पूर्वी ज़िले के मंत्रीपुखरी बाज़ार में चलाया गया। यहाँ सुरक्षा बलों ने तीन ड्रग तस्करों को गिरफ़्तार किया, जिनकी पहचान अनिल दास (75), रोशन बसनेत (48) और गोमा कार्की (33) के रूप में हुई है। इनके पास से लगभग 22 लाख रुपये की 3.66 किलोग्राम संदिग्ध अफ़ीम बरामद हुई। शुरुआती जाँच में पता चला है कि यह खेप भी म्यांमार से लाई गई थी।
तीसरी बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने 52 वर्षीय एक महिला तिन्नई थाडौ को गिरफ़्तार किया। चंदेल ज़िले की रहने वाली इस महिला को चुराचांदपुर ज़िले के सोंगजा खोपी गाँव से पकड़ा गया। उसके पास से क़रीब 1.6 किलोग्राम संदिग्ध ब्राउन शुगर मिली, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में क़ीमत 1.5 करोड़ रुपये से ज़्यादा आंकी गई है।
म्यांमार कनेक्शन और सुरक्षा उपाय
मणिपुर लगभग 400 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली सीमा म्यांमार के साथ साझा करता है, जो दुनिया में अफ़ीम के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है। ये ताज़ा ज़ब्तियां पिछले कुछ महीनों से राज्य में सक्रिय म्यांमार से जुड़े ड्रग्स तस्करी नेटवर्क पर एक और बड़ी चोट मानी जा रही हैं।
इस बीच, राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। केंद्र और राज्य के सुरक्षा बल उग्रवादियों के ख़िलाफ़ भी लगातार अभियान चला रहे हैं। घाटी और पहाड़ी ज़िलों में 112 नाके स्थापित किए गए हैं और संवेदनशील इलाक़ों में तलाशी अभियान जारी है। साथ ही, इंफाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) पर ज़रूरी सामान ले जाने वाले वाहनों को सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है।
इनपुट: IANS



