शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

पंजाब के गैंगस्टर नीतीश कौशल को FBI ने वर्मोंट से किया गिरफ्तार, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से जुड़े होने का आरोप

अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने भारतीय नागरिक नीतीश कौशल को वर्मोंट से गिरफ्तार कर लिया है। कौशल को कुछ ही दिन पहले एफबीआई की 'मोस्ट वांटेड' सूची में शामिल किया गया था। समाचार…

पंजाब के गैंगस्टर नीतीश कौशल को FBI ने वर्मोंट से किया गिरफ्तार, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से जुड़े होने का आरोप
(फोटो: IANS)

अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने भारतीय नागरिक नीतीश कौशल को वर्मोंट से गिरफ्तार कर लिया है। कौशल को कुछ ही दिन पहले एफबीआई की 'मोस्ट वांटेड' सूची में शामिल किया गया था। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह गिरफ्तारी पंजाब से संचालित होने वाले एक कथित सीमा-पार संगठित अपराध सिंडिकेट के खिलाफ अमेरिका में चल रही एक बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है।

विज्ञापन

एफबीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर गुरुवार को इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए लिखा, "केस अपडेट: नीतीश कौशल को वरमोंट में गिरफ्तार कर लिया गया है।" 'लाला' के नाम से भी जाने जाने वाले कौशल के खिलाफ 25 जून को कैलिफोर्निया के एक जिला न्यायालय ने फेडरल अरेस्ट वारंट जारी किया था। उस पर रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गनाइजेशन्स (RICO) साजिश का आरोप लगाया गया है।

जग्गू भगवानपुरिया सिंडिकेट और उसके अपराध

जांच के अनुसार, कौशल कथित तौर पर जग्गू भगवानपुरिया के नेतृत्व वाले एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट से जुड़ा है। इस संगठन का मुख्यालय भारत में बताया जाता है और इसके सदस्य अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में फैले हुए हैं। 44 पन्नों की फेडरल चार्जशीट के मुताबिक, इस नेटवर्क के दुनिया भर में 1,000 से अधिक सदस्य हैं, जिनमें से 100 से ज्यादा अमेरिका में सक्रिय हैं।

अभियोजकों का आरोप है कि यह संगठन हत्या, अपहरण, ड्रग्स तस्करी, जबरन वसूली, हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त है। एफबीआई ने कौशल को हथियारबंद और खतरनाक बताते हुए उसके भागने का खतरा जताया था।

कौशल की कथित भूमिका और अपहरण का मामला

चार्जशीट में कौशल की भूमिका संगठन की ओर से अपहरण और हमलों जैसी हिंसक वारदातों को अंजाम देने वाले के तौर पर बताई गई है। एक प्रमुख आरोप 10 जुलाई, 2024 की एक घटना से जुड़ा है, जिसमें गिरोह के सदस्यों ने एक व्यक्ति पर ड्रग्स की खेप चुराने का शक किया था।

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, कौशल और उसके तीन साथियों ने पीड़ित को कैलिफोर्निया के मैन्टेका में बंधक बनाया, उसके साथ मारपीट की और फिर उसे फ्रेज़्नो ले गए। आरोप है कि पीड़ित से 50,000 डॉलर की फिरौती मांगी गई थी। बाद में, जग्गू भगवानपुरिया के निर्देश पर पीड़ित को रिहा कर दिया गया।

सिंडिकेट के काम करने का तरीका

यह आपराधिक संगठन मुख्य रूप से बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की तस्करी पर निर्भर था। अभियोजकों के अनुसार, गिरोह अमेरिका में कोकीन और मेथामफेटामाइन की 100 किलोग्राम या उससे अधिक की खेप की तस्करी करता था। इसके अलावा, यह गिरोह सुपारी लेकर हत्याएं करने, प्रतिद्वंद्वियों से ड्रग्स लूटने और जबरन वसूली में भी शामिल था। अपराध से होने वाली कमाई को भारत में बैठे सरगनाओं तक भेजा जाता था। चार्जशीट में यह भी आरोप है कि संगठन ने अमेरिका में हथियार खरीदकर उन्हें कनाडा में तस्करी किया और पंजाब में युवाओं को अपराध की दुनिया में भर्ती किया।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →