चंडीगढ़ में ₹4,700 करोड़ की विकास परियोजनाओं की शुरुआत, PM मोदी ने शहर को बताया 'भारत का विकास मॉडल'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को चंडीगढ़ में 4,700 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सड़क…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को चंडीगढ़ में 4,700 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सड़क अवसंरचना से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने चंडीगढ़ को सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि भारत के लिए विकास का एक मॉडल बताया।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि चंडीगढ़ व्यवस्थित विकास और बेहतर जीवनशैली के लिए जाना जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चंडीगढ़ का विकास हमेशा से एनडीए सरकार की प्राथमिकता रहा है। उन्होंने कहा, "हमारा चंडीगढ़, हरियाणा-पंजाब-हिमाचल के पूरे क्षेत्र को जोड़ता है। चंडीगढ़ के विकास से यहां के लोगों का जीवन तो बदलता ही है, साथ ही हरियाणा, हिमाचल, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के लोगों को भी इससे बहुत लाभ होता है।"
स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि चिकित्सा सेवाओं के लिए चंडीगढ़ इस पूरे क्षेत्र में एक बड़ा केंद्र है। उन्होंने स्वास्थ्य और स्वच्छता के बीच गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए 2014 में शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन का जिक्र किया। पीएम ने कहा, "जब हम स्वास्थ्य की बात करते हैं, तो हम सब जानते हैं कि इसमें स्वच्छता की कितनी बड़ी भूमिका है।" उन्होंने शहर में स्वच्छता की अलख जगाने के लिए रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी और पद्म सम्मान से सम्मानित इंदरजीत सिंह सिद्धू की सराहना की, जिन्हें 'ब्रूम वॉरियर' के नाम से भी जाना जाता है।
कानून और तकनीक में अग्रणी
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि जब देश ने दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता को अपनाया, तो इसे लागू करने की शुरुआत चंडीगढ़ से ही हुई थी। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में चंडीगढ़ को हाई-टेक बनाने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसे प्रोजेक्ट्स पर 2.5 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए गए हैं। पीएम ने कहा कि चंडीगढ़ एक ऐसा शहर है जहां शिक्षा, इंजीनियरिंग, चिकित्सा विज्ञान और शोध से जुड़े बड़े संस्थान एक साथ मौजूद हैं, जो भविष्य में इनोवेशन के बड़े केंद्र बन सकते हैं।
इनपुट: IANS



