बांग्लादेश: खुलना में पत्रकारों पर गोलीबारी, भ्रष्टाचार-विरोधी संस्था ने निष्पक्ष जांच की मांग की
बांग्लादेश में भ्रष्टाचार पर नज़र रखने वाली संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल बांग्लादेश (TIB) ने खुलना शहर में पत्रकारों पर हुई गोलीबारी की घटना की कड़ी निंदा की है। संस्था ने इसे स्वतंत्र पत्रकारिता…
बांग्लादेश में भ्रष्टाचार पर नज़र रखने वाली संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल बांग्लादेश (TIB) ने खुलना शहर में पत्रकारों पर हुई गोलीबारी की घटना की कड़ी निंदा की है। संस्था ने इसे स्वतंत्र पत्रकारिता और प्रेस की आज़ादी पर हमला बताते हुए दोषियों की पहचान करने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए तत्काल व निष्पक्ष जांच की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश में राष्ट्रीय स्तर पर छात्र प्रदर्शनों के कारण तनाव का माहौल है।
यह हमला 15 जुलाई की सुबह हुआ जब चार पत्रकार अपना काम खत्म करने के बाद एक चाय की दुकान के बाहर बैठे थे। इसी दौरान बंदूकधारियों ने उन पर गोलीबारी कर दी। इस घटना में बांग्लादेशी अखबार 'द बिजनेस स्टैंडर्ड' के खुलना संवाददाता अवल शेख को गोली के छर्रे लगने से चोटें आईं।
जांच और जवाबदेही पर ज़ोर
गुरुवार को जारी एक बयान में TIB ने कहा कि पत्रकारों द्वारा मामला दर्ज कराने में हिचकिचाहट, देश में डर के माहौल और अधिकारियों पर भरोसे की कमी को दर्शाती है। संस्था के कार्यकारी निदेशक इफ्तेखारुज्जमां के हवाले से 'ढाका ट्रिब्यून' ने लिखा, “यह स्पष्ट नहीं है कि हमला किसी पत्रकार विशेष को निशाना बनाकर किया गया था या किसी खास रिपोर्ट का बदला लेने के लिए। लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि यह हथियारों से लैस हमला मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल मामला दर्ज करना ही काफी नहीं है, बल्कि हमले के पीछे के असली मकसद का पता लगाना भी उतना ही ज़रूरी है। TIB ने कहा कि बिना किसी दबाव या देरी के एक प्रभावी जांच होनी चाहिए, ताकि न केवल हमलावरों बल्कि हमले की योजना बनाने और आदेश देने वालों की भी पहचान कर उन्हें सज़ा दी जा सके।
पत्रकारों में डर का माहौल
TIB ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि पीड़ितों का कानूनी मदद लेने में संकोच करना पत्रकार समुदाय के भीतर बदले की कार्रवाई के डर और असुरक्षा की भावना को उजागर करता है। इफ्तेखारुज्जमां ने कहा, “जब पीड़ित खुद न्याय मांगने से डरते हैं, तो हम यह नहीं कह सकते कि मीडिया की आजादी सुरक्षित है। ऐसा डर स्वतंत्र और खोजी पत्रकारिता को हतोत्साहित करता है।” उन्होंने अधिकारियों से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके खिलाफ हर हमले की विश्वसनीय जांच और न्याय की गारंटी देने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।
इनपुट: IANS



