यूक्रेनी सैन्य यूनिट के नाम पर विवाद: यूरोपीय संसद ने जताई आपत्ति, पोलैंड से बढ़ा तनाव
यूक्रेन के एक फैसले को लेकर यूरोपीय संसद ने चिंता जताई है, जिसके कारण पोलैंड के साथ उसके कूटनीतिक संबंधों में तनाव आ गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संसद ने एक संशोधन पारित कर
यूक्रेन के एक फैसले को लेकर यूरोपीय संसद ने चिंता जताई है, जिसके कारण पोलैंड के साथ उसके कूटनीतिक संबंधों में तनाव आ गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संसद ने एक संशोधन पारित कर राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के उस कदम की आलोचना की है, जिसमें एक यूक्रेनी सैन्य यूनिट का नाम बदलकर 'यूक्रेनी इंसर्जेंट आर्मी' (UPA) के नाम पर रख दिया गया था।
यह विवादित नाम दूसरे विश्व युद्ध के दौर के एक संगठन से जुड़ा है, जिसे पोलैंड में 1943-45 के 'वोलिन नरसंहार' का जिम्मेदार माना जाता है। इस घटना में नाजी कब्जे के दौरान हजारों पोलिश लोगों की जान गई थी। हालांकि, यूक्रेन में यूपीए को सोवियत शासन के खिलाफ लड़ने वाले स्वतंत्रता सेनानी संगठन के तौर पर देखा जाता है।
विवाद की वजह और यूरोपीय संसद का रुख
यूरोपीय संसद के अधिकांश सदस्यों ने इस संशोधन के पक्ष में मतदान किया, जिसे पोलिश सांसद आंद्रेज हालिकी और उनके जर्मन सहयोगी माइकल गेहलर ने पेश किया था। प्रस्ताव में जेलेंस्की के फैसले को "हाल का अनावश्यक और बिना वजह किया गया तनाव बढ़ाने वाला फैसला" बताया गया है।
संसद ने अपने प्रस्ताव में कहा कि इस कदम से उन हजारों पीड़ितों और उनके परिवारों की भावनाओं को नजरअंदाज किया गया है, जिनका पोलैंड में गहरा सम्मान है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि यह फैसला यूरोपीय मूल्यों के अनुरूप नहीं है और इससे पड़ोसी देशों के रिश्ते प्रभावित होते हैं। साथ ही, दोनों देशों से आपसी सुलह की दिशा में काम करने की अपील की गई।
पोलैंड की तीखी प्रतिक्रिया
इस फैसले के तुरंत बाद पोलैंड ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। राष्ट्रपति करोल नॉवरोकी ने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की को 2023 में दिए गए पोलैंड के सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ द व्हाइट ईगल' को वापस ले लिया। यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को दिखाता है, खासकर ऐसे समय में जब रूस के खिलाफ युद्ध में पोलैंड यूक्रेन का एक बड़ा समर्थक रहा है।
यूक्रेन के लिए समर्थन जारी
इस आलोचना और तनाव के बावजूद, यूरोपीय संसद ने अपने प्रस्ताव में यूक्रेन के लिए अपना समर्थन दोहराया है। प्रस्ताव में रूस के खिलाफ लड़ाई में यूक्रेन की मदद करने की प्रतिबद्धता जताई गई और यूरोपीय संघ (ईयू) में शामिल होने की दिशा में यूक्रेन की प्रगति को भी मान्यता दी गई। गौरतलब है कि 2022 में संघर्ष शुरू होने के बाद से ही ईयू देश यूक्रेन को सैन्य, आर्थिक और मानवीय सहायता दे रहे हैं।
इनपुट: IANS



