पंजाब: ज़मीन मुआवज़ा धोखाधड़ी मामले में AAP विधायक के ठिकानों पर ED की छापेमारी
पंजाब के मोगा में राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहीत ज़मीन के मुआवज़े में हेराफेरी से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मोगा से विधायक डॉ.…
पंजाब के मोगा में राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहीत ज़मीन के मुआवज़े में हेराफेरी से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मोगा से विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा, उनके परिवार और सहयोगियों से जुड़े सात ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई 4 नवंबर को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई थी।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस तलाशी अभियान में एक अस्पताल और नशा मुक्ति केंद्र भी शामिल है, जो विधायक अरोड़ा से जुड़ा हुआ है। ईडी को छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज़, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सबूत मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि विधायक और उनके सहयोगियों ने बेनामी संपत्तियां अर्जित की थीं। फिलहाल बरामद सबूतों की जांच चल रही है।
क्या है पूरा मामला?
ईडी की यह जांच मोगा जिले के धर्मकोट पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर पर आधारित है। यह एफआईआर पटवारी नवदीप सिंह, दिलखुश कुमारी और अन्य लोगों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी। आरोप था कि मोगा के अधरमन गांव में सरकारी ज़मीन के राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया। इसके चलते नेशनल हाईवे नंबर 754ए के लिए अधिग्रहीत ज़मीन का 1 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवज़ा गलत तरीके से बांट दिया गया।
ईडी के मुताबिक, पंजाब पुलिस इस मामले में पटवारी नवदीप सिंह के खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल कर चुकी है। जांच में सामने आया कि मुआवज़े की यह रकम दिलखुश कुमारी के बैंक खाते में जमा हुई थी, जिसे बाद में बैंक ने फ्रीज कर दिया। ईडी ने अपने बयान में कहा है कि जांच से पता चला कि विधायक, उनके पति और अन्य सहयोगियों ने इस मुआवज़े की रकम को हड़पने में मदद की थी।
धोखाधड़ी से कई संपत्तियां हासिल करने का आरोप
एजेंसी की जांच में कई अन्य सरकारी, नगर निगम और चैरिटेबल संपत्तियों को भी धोखाधड़ी से हासिल करने या ट्रांसफर करने का खुलासा हुआ है। इनमें शामिल हैं:
- जीरा रोड पर केंद्र सरकार की 13 मरला ज़मीन
- सिविल लाइंस में पंजाब सरकार की 7 मरला ज़मीन
- रेलवे रोड पर मार्केट कमेटी की 6 मरला ज़मीन
- मोगा महला सिंह-3 में नगर निगम की 3 कनाल 16 मरला ज़मीन
- 'यूनाइटेड चर्च ऑफ नॉर्दर्न इंडिया ट्रस्ट एसोसिएशन' की 52 मरला 8 सरसाही ज़मीन
ईडी ने बताया कि इन संपत्तियों को राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर और जाली दस्तावेज़ तैयार कर विधायक के रिश्तेदारों और संबंधित लोगों के नाम पर कर दिया गया। जांच में मोगा में एक आवासीय संपत्ति खरीदने में बेहिसाब नकदी के इस्तेमाल के आरोप भी सामने आए हैं।
इनपुट: IANS



