चिट फंड घोटाला: YSR कांग्रेस नेता मल्ला विजय प्रसाद के ठिकानों पर ED की छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता मल्ला विजय प्रसाद से जुड़े कई ठिकानों पर बुधवार को छापेमारी की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कार्रवाई एक बड़े चिट फंड घोटाले और मनी…
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता मल्ला विजय प्रसाद से जुड़े कई ठिकानों पर बुधवार को छापेमारी की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कार्रवाई एक बड़े चिट फंड घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के सिलसिले में की गई है। अधिकारियों ने विशाखापत्तनम और हैदराबाद में कुल पांच जगहों पर एक साथ तलाशी ली, जिनमें प्रसाद का घर, दफ्तर और अन्य संपत्तियां शामिल हैं।
मल्ला विजय प्रसाद 'वेलफेयर ग्रुप ऑफ कंपनीज' के चेयरमैन हैं और वर्तमान में विशाखापत्तनम पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के लिए वाईएसआरसीपी के कोऑर्डिनेटर हैं। ईडी केंद्रीय एजेंसी के तौर पर उनके और उनकी कंपनी के खिलाफ लगे आरोपों की जांच कर रही है। छापेमारी के दौरान पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
कई राज्यों से जुड़ा है मामला
यह मामला कई राज्यों तक फैला हुआ है, जिसके चलते तलाशी अभियान में ओडिशा और पश्चिम बंगाल के ईडी अधिकारी भी शामिल थे। मल्ला विजय प्रसाद पर पहले भी कई राज्यों में मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड शामिल हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के हजारों जमाकर्ताओं के साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी की है। यह पूरा चिट फंड घोटाला करीब 1,200 करोड़ रुपए का बताया जा रहा है।
पुराने मामले और गिरफ्तारी
यह पहली बार नहीं है जब प्रसाद जांच एजेंसियों के निशाने पर आए हैं। इससे पहले, 2021 में ओडिशा पुलिस ने उन्हें 2019 के एक चिट फंड मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय वह 'आंध्र प्रदेश शिक्षा एवं कल्याण विकास निगम' के चेयरमैन थे। इसके अलावा, 2016 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भी चिट फंड घोटालों के संबंध में उनके खिलाफ दो मामले दर्ज किए थे और उनके घर-दफ्तर पर तलाशी ली थी।
राजनीतिक सफर: मल्ला विजय प्रसाद 2009 में कांग्रेस के टिकट पर विशाखापत्तनम पश्चिम विधानसभा सीट से आंध्र प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए थे। बाद में, 2019 के चुनावों से पहले वह वाईएसआर कांग्रेस में शामिल हो गए और उसी सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
इनपुट: IANS



