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कांगो: इबोला से 4,000 से ज़्यादा मौतें, मृतकों की वास्तविक संख्या और भी ज़्यादा होने की आशंका

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) एक बड़े इबोला प्रकोप का सामना कर रहा है, जिसमें मरने वालों की संख्या 4,000 का आँकड़ा पार कर गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य अधिकारियों…

कांगो: इबोला से 4,000 से ज़्यादा मौतें, मृतकों की वास्तविक संख्या और भी ज़्यादा होने की आशंका
(फोटो: IANS)

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) एक बड़े इबोला प्रकोप का सामना कर रहा है, जिसमें मरने वालों की संख्या 4,000 का आँकड़ा पार कर गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा शुक्रवार को जारी नवीनतम आंकड़ों में सात प्रांतों में 8,300 पुष्ट मामलों की जानकारी दी गई, जिनमें से 4,018 लोगों की जान जा चुकी है।

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इस प्रकोप में अब तक 2,162 मरीज़ ठीक हो चुके हैं और मृत्यु दर 48.4 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह डीआरसी के इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे घातक इबोला प्रकोप है। विश्व स्तर पर यह 2014-2016 में पश्चिम अफ्रीका में फैली महामारी के बाद दूसरा सबसे बड़ा प्रकोप माना जा रहा है।

आशंका और चेतावनी

अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा संगठन 'मेडेसिन्स सान्स फ्रंटियर्स' (MSF) ने गुरुवार को चेतावनी दी कि निगरानी और मामलों की पहचान में कमियों के कारण प्रभावित लोगों और मृतकों की वास्तविक संख्या आधिकारिक आँकड़ों से कहीं ज़्यादा हो सकती है।

इसी तरह की चिंता अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) ने भी जताई है। एजेंसी ने कहा कि हाल के हफ्तों में मामलों में आई कमी को संक्रमण में स्थायी गिरावट नहीं माना जाना चाहिए। अफ्रीका सीडीसी के अधिकारी वेसम मनकौला के अनुसार, यह कमी बीमारी की निगरानी व्यवस्था में आई रुकावटों के कारण भी हो सकती है।

प्रकोप का बढ़ता दायरा

मनकौला ने एक ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मई के मध्य तक यह प्रकोप केवल तीन स्वास्थ्य क्षेत्रों तक सीमित था, लेकिन अब यह सात प्रांतों के 63 स्वास्थ्य क्षेत्रों में फैल चुका है, जिनमें से 45 में संक्रमण अब भी सक्रिय है। उन्होंने कहा, "कई इलाकों में असुरक्षा और स्थानीय समुदायों के विरोध के कारण बीमारी की निगरानी और इससे निपटने की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। इससे चिंता बढ़ गई है कि संक्रमण के कुछ मामलों की पहचान नहीं हो पा रही होगी।"

इनपुट: IANS

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