भारत-कतर संबंध: विदेश मंत्री जयशंकर की दोहा में अहम बैठक, रणनीतिक साझेदारी पर हुई चर्चा
खाड़ी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को दोहा में कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से मुलाक
खाड़ी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को दोहा में कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से मुलाकात की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस उच्च-स्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों की समीक्षा की गई और रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ करने के नए अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ।
यह मुलाकात विदेश मंत्री जयशंकर के चार खाड़ी देशों के दौरे का हिस्सा है। विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, वह 5 से 10 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य इन देशों के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करना, क्षेत्रीय हालात का जायजा लेना और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना है।
बैठक के मुख्य बिंदु
अपनी मुलाकात के बाद एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए कहा, "आज दोहा में कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से मिलकर खुशी हुई।" उन्होंने कतर में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। जयशंकर ने बताया कि बैठक में ऊर्जा, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की गई। उन्होंने आगे कहा, "उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और उसके असर को लेकर अपने विचार भी साझा किए, जिसके लिए मैं उनका आभारी हूं।"
कतर का आधिकारिक बयान
कतर के विदेश मंत्रालय ने भी इस बैठक को लेकर 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की, विशेषकर आर्थिक क्षेत्र में। मंत्रालय के अनुसार, बातचीत में क्षेत्रीय घटनाक्रम और वैश्विक अर्थव्यवस्था व ऊर्जा बाजारों पर उनके प्रभाव जैसे मुद्दों पर भी विचार किया गया। दोनों पक्षों ने विवादों को बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से हल करने के महत्व पर जोर दिया ताकि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बनी रहे।
भारत-कतर के ऐतिहासिक संबंध
भारत और कतर के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंध हैं, जिनकी जड़ें पुराने व्यापारिक रिश्तों और दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत जुड़ाव में हैं। दोनों देशों ने 1973 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे और 2023 में इन संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मनाई गई थी। साल 2015 में कतर के अमीर की भारत यात्रा के दौरान इन संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था।
इनपुट: IANS



