भारत-भूटान संबंध: विदेश मंत्री जयशंकर ने की राजा वांगचुक से मुलाक़ात, थिम्पू में जलाया 'आशीर्वाद का दीया'
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपनी भूटान यात्रा के दौरान गुरुवार को राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाक़ात की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस अवसर पर दोनों ने थिम्पू के ऐतिहासिक…
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपनी भूटान यात्रा के दौरान गुरुवार को राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाक़ात की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस अवसर पर दोनों ने थिम्पू के ऐतिहासिक ताशिचो द्जोंग में एक 'आशीर्वाद का दीया' जलाया। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा के सम्मान में किया गया।
विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा, "हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के समर्पित जनसेवा को सम्मान दिया, जिसने दुनियाभर में अनगिनत जिंदगियों पर प्रभाव डाला है।" इस विशेष मौके पर भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, विदेश मंत्री डी. एन. धुंग्येल और भारतीय समुदाय के लोग भी उपस्थित थे।
सहयोग और विकास साझेदारी
अपनी यात्रा के दौरान डॉ. जयशंकर ने भूटान को 54 'मेड इन इंडिया' इलेक्ट्रिक वाहन भी सौंपे। उन्होंने कहा कि भारत ई-मोबिलिटी और टिकाऊ परिवहन की दिशा में भूटान की प्रगति का समर्थन कर रहा है। इससे पहले उन्होंने भूटानी प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे के साथ एक बैठक की, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी की ओर से शुभकामनाएं दी गईं।
बैठक के बाद विदेश मंत्री ने 'एक्स' पर लिखा, "आज थिम्पू में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से मिलकर खुशी हुई... भारत भूटान की प्रगति और समृद्धि के लिए मजबूती से प्रतिबद्ध है।" उन्होंने दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग के अनूठे संबंधों की सराहना की।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मज़बूत सहयोग
बुधवार को, विदेश मंत्री जयशंकर और उनके भूटानी समकक्ष ल्योनपो डी. एन. धुंग्येल ने मोंगर में 65 बिस्तरों वाले 'ग्याल्तसुएन जेत्सुन पेमा मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल' का भी उद्घाटन किया था। विदेश मंत्री के अनुसार, यह अस्पताल पूर्वी भूटान में गुणवत्तापूर्ण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करेगा।
इनपुट: IANS



