संयुक्त राष्ट्र में भारत की अपील: यूक्रेन और खाड़ी में संघर्ष खत्म हों, शांति का रास्ता अपनाएं
भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में दुनिया के दो प्रमुख संकटग्रस्त क्षेत्रों - यूक्रेन और खाड़ी - में जारी संघर्षों को तत्काल समाप्त करने का आह्वान किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को…
भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में दुनिया के दो प्रमुख संकटग्रस्त क्षेत्रों - यूक्रेन और खाड़ी - में जारी संघर्षों को तत्काल समाप्त करने का आह्वान किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि ये लड़ाइयां न केवल अपने क्षेत्रों में, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रगति और विकास की रफ्तार को धीमा कर रही हैं।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, जयशंकर ने कहा कि भारत इन संकटों से उत्पन्न चुनौतियों, विशेषकर खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के मामलों में, हर संभव मदद करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “जारी लड़ाई को लेकर हम बेहद चिंतित हैं।”
यूक्रेन और खाड़ी संकट पर भारत का रुख
यूक्रेन के संदर्भ में, जयशंकर ने समुद्री जहाजों पर काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ खाद्यान्न और ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश को दोहराया जो उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दिया था। विदेश मंत्री ने कहा, "जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है, अब अंतहीन युद्ध का रास्ता छोड़कर शांति की ओर बढ़ना होगा।" उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत शांति स्थापित करने के लिए जारी सभी प्रयासों का समर्थन करता है।
वहीं, खाड़ी क्षेत्र के बारे में जयशंकर ने कहा कि वहां का संघर्ष पहले से ही मुश्किल हालात को और गंभीर बना रहा है। उन्होंने कहा, “भारत सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऊर्जा और व्यापार की आवाजाही बिना रुकावट जारी रखने की अपील करता है।”
इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन
पश्चिम एशिया के मुद्दे पर बात करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष के लिए भारत के स्थायी रुख को एक बार फिर दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन करता है, जिसके तहत इजरायल और फिलिस्तीन दो अलग-अलग संप्रभु राष्ट्रों के रूप में शांति से एक-दूसरे के साथ रहें। उन्होंने इसे स्थायी शांति के लिए बेहद जरूरी बताया और कहा कि भारत फिलिस्तीनी लोगों के लिए मानवीय सहायता और राहत प्रयासों में योगदान दे रहा है।
इनपुट: IANS



